विक्रमशिला सेतु पर बन रहा बेली ब्रिज, जून के पहले सप्ताह से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद

भागलपुर, 20 मई 2026। भागलपुर और आसपास के जिलों के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से मरम्मत और यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा में रहे विक्रमशिला सेतु पर निर्माणाधीन बेली ब्रिज का निरीक्षण बुधवार को उच्च अधिकारियों द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संकेत दिया कि जून 2026 के पहले सप्ताह से छोटे वाहनों के लिए इस अस्थायी पुल पर परिचालन शुरू किया जा सकता है। इससे भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच आवागमन करने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

विक्रमशिला सेतु पर बन रहे बेली ब्रिज का निरीक्षण बॉर्डर रोड संगठन के अपर महानिदेशक ने किया। इस दौरान उनके साथ भागलपुर के जिलाधिकारी और बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के अधीक्षण अभियंता भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्य की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं का जायजा लिया। अभियंताओं की टीम ने अधिकारियों को बेली ब्रिज निर्माण की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पुल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।

अधिकारियों के अनुसार विक्रमशिला सेतु के ऊपर बेली ब्रिज का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता विपिन कुमार चंद ने बताया कि पुल के उत्तर दिशा वाले हिस्से में एक स्पैन पर 24 मीटर लंबाई का बेली ब्रिज बनाया जा रहा है। वहीं दक्षिण दिशा में भी एक स्पैन पर 12 मीटर लंबाई का निर्माण कार्य जारी है।

इसके अलावा दक्षिण दिशा के एक अन्य स्पैन पर भी अतिरिक्त बेली ब्रिज निर्माण को लेकर उच्च स्तर पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी अध्ययन और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा।

निरीक्षण के बाद अपर महानिदेशक जितेंद्र प्रसाद ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित गति से चलता रहा, तो जून 2026 के पहले सप्ताह से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि बेली ब्रिज सीधे सेतु के ऊपर बनाया जा रहा है, इसलिए शुरुआत में केवल छोटे वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर बाद में तकनीकी रिपोर्ट और सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार बेली ब्रिज एक अस्थायी लेकिन मजबूत संरचना होती है, जिसका उपयोग आपातकालीन या मरम्मत की स्थिति में यातायात बहाल करने के लिए किया जाता है। इसे कम समय में तैयार किया जा सकता है और सीमित भार वाले वाहनों के संचालन के लिए उपयोगी माना जाता है।

विक्रमशिला सेतु बिहार के सबसे महत्वपूर्ण पुलों में गिना जाता है। यह भागलपुर को उत्तर बिहार के कई जिलों से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस पुल पर यातायात प्रभावित होने से आम लोगों, व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर मरम्मत और भारी वाहनों के प्रतिबंध के कारण यात्रा समय काफी बढ़ गया है। कई लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। ऐसे में छोटे वाहनों के लिए बेली ब्रिज शुरू होने की संभावना लोगों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।

भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि पुल को चालू करने से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसियों और तकनीकी टीमों के साथ समन्वय बनाकर तेजी से काम किया जा रहा है ताकि निर्धारित समय के भीतर परिचालन शुरू किया जा सके। प्रशासन की कोशिश है कि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो।

अधिकारियों का कहना है कि बेली ब्रिज के संचालन के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी विशेष योजना तैयार की जा रही है। शुरुआत में वाहनों की संख्या और भार सीमा को नियंत्रित किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।

पुल निर्माण और मरम्मत कार्य की निगरानी के लिए विशेषज्ञ अभियंताओं की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल के विभिन्न हिस्सों की तकनीकी जांच भी की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विक्रमशिला सेतु केवल एक पुल नहीं, बल्कि पूर्वी बिहार की अर्थव्यवस्था और यातायात व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। इस पुल के सुचारु संचालन का सीधा असर व्यापार, परिवहन और आम जनजीवन पर पड़ता है।

स्थानीय व्यापारियों ने भी उम्मीद जताई है कि छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू होने से कारोबार को राहत मिलेगी। खासकर दैनिक आवागमन करने वाले लोगों और छोटे व्यवसायियों को इसका लाभ मिलेगा।

फिलहाल निर्माण कार्य तेज गति से जारी है और प्रशासन जून के पहले सप्ताह तक परिचालन शुरू करने की तैयारी में जुटा हुआ है। हालांकि अंतिम निर्णय तकनीकी सुरक्षा जांच और निर्माण कार्य की प्रगति पर निर्भर करेगा।

विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण को लेकर पूरे भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। यदि निर्धारित समय पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है, तो यह लंबे समय से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

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