
भागलपुर। बिहार के महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्गों में शामिल विक्रमशिला सेतु पर बढ़ते यातायात दबाव और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने स्वयं विक्रमशिला सेतु का निरीक्षण कर यातायात संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात कर्मियों की सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए, जिनका उद्देश्य पुल पर वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना और सुरक्षा कर्मियों को बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने देखा कि तेज धूप और अत्यधिक गर्मी के बीच सुरक्षा एजेंसियों के कर्मी लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। इसे देखते हुए उन्होंने नवगछिया की ओर बने शेड का विस्तार करने का निर्देश दिया ताकि ड्यूटी पर तैनात जवानों को गर्मी से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मियों के स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए उनके लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा कर्मियों के लिए शौचालय और मल्टीपल यूरिनल की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई बार कर्मियों को आवश्यक जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनके कार्य पर असर पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें ड्यूटी स्थल के आसपास ही सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
यातायात संचालन को और प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी प्रणाली में भी बदलाव का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जवानों को लगातार लंबे समय तक धूप में खड़ा रखने के बजाय एक-एक घंटे के अंतराल पर ड्यूटी रोटेशन लागू किया जाए। इससे प्रत्येक कर्मी को नियमित अंतराल पर विश्राम का अवसर मिलेगा और वे अधिक सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा सकेंगे। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि विश्राम स्थल पर पीने के पानी, इलेक्ट्रॉल पाउडर और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता बनी रहे।
निरीक्षण के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिलाधिकारी ने पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) को पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही मोटरसाइकिल आधारित क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) सक्रिय रखने को कहा गया ताकि पुल पर किसी भी प्रकार की समस्या या जाम की स्थिति का तत्काल समाधान किया जा सके। उनका मानना है कि बाइक पर तैनात टीम तेजी से पूरे पुल का निरीक्षण कर सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई कर पाएगी।
विक्रमशिला सेतु पर वाहनों की गति को प्रभावित करने वाले अवरोधकों को लेकर भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यातायात को बाधित करने वाले सभी ब्रेकर और रंबल स्ट्रिप्स को जल्द हटाया जाए। उनका कहना था कि इन अवरोधों के कारण वाहनों की गति प्रभावित होती है और कई बार अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। यदि पुल पर यातायात निर्बाध रूप से चलता रहे तो दोनों ओर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम किया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई यात्री वाहन से उतरकर पुल पर पैदल चलने लगते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। इस पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पुल पर वाहनों से उतरकर पैदल चलना न केवल ट्रैफिक संचालन में बाधा उत्पन्न करता है बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बढ़ाता है। उन्होंने लोगों से नियमों का पालन करने और यात्रा के दौरान वाहन के भीतर ही बने रहने की अपील की।
स्थलीय निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने समीक्षा भवन में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में उन्होंने नवगछिया क्षेत्र की ओर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया ताकि यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पुल के दोनों सिरों पर निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था की जाए।
बैठक में नवगछिया पुलिस अधीक्षक ने भी कुछ आवश्यकताओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कोटा केबिनों की संख्या बढ़ाने तथा अतिरिक्त वॉशरूम सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने इन सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
मोटरसाइकिल चालकों की सुविधा और ट्रैफिक प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए एक नई व्यवस्था लागू करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत पुल के दोनों किनारों पर लगभग डेढ़ मीटर चौड़ी अलग पट्टी निर्धारित की जाएगी, जहां से केवल मोटरसाइकिलों का आवागमन होगा। इससे दोपहिया वाहनों को लगातार गुजरने की सुविधा मिलेगी और बड़े वाहनों के बीच फंसने की समस्या कम होगी।
हालांकि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित लेन का उल्लंघन करने वाले बाइक चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई चालक तय सीमा रेखा के बाहर वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि अनुशासित यातायात व्यवस्था से ही पुल पर बढ़ते दबाव को नियंत्रित किया जा सकता है।
यात्रियों और चालकों को नियमों की जानकारी देने के लिए पुल पर विभिन्न स्थानों पर सूचना बोर्ड, पोस्टर और बैनर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन संदेशों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि पूरा क्षेत्र सीसीटीवी निगरानी में है और यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने पुल पर रुककर वीडियो बनाने, रेलिंग के पास खड़े होने या अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियों से बचने की भी अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि पुल पर वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है और चालक का थोड़ी देर के लिए भी ध्यान भटकना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। इसलिए यात्रियों को सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद आवश्यक है।
जिला प्रशासन का मानना है कि इन नए निर्देशों और व्यवस्थाओं के लागू होने के बाद विक्रमशिला सेतु पर यातायात संचालन पहले की तुलना में अधिक सुचारु होगा। साथ ही सुरक्षा कर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलने से उनकी कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा। आने वाले दिनों में प्रशासन इन व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा कर आवश्यकतानुसार और सुधारात्मक कदम उठाएगा ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सहज यात्रा का अनुभव मिल सके।


