भागलपुर: भागलपुर स्थित ऐतिहासिक को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सेतु के नीचे एक फॉल्स (अस्थायी) दीवार के नदी में गिरने की खबर सामने आने के बाद प्रशासन और तकनीकी टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि विक्रमशिला सेतु के मुख्य ढांचे में किसी प्रकार की कोई क्षति या तकनीकी खराबी नहीं पाई गई है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है और यातायात सामान्य रूप से जारी रहेगा।
क्या है फॉल्स दीवार का मामला?
एसडीओ ने बताया कि पुल निर्माण के दौरान पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए अस्थायी रूप से फॉल्स दीवार (False Wall) बनाई जाती है। यह दीवार पुल के स्थायी ढांचे का हिस्सा नहीं होती। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन दीवारों को हटाया जाना होता है, लेकिन किसी कारणवश कुछ दीवारें उस समय नहीं हटाई जा सकीं।
इन्हीं में से एक पुरानी और जर्जर हो चुकी दीवार हाल ही में टूटकर नदी में गिर गई, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
जल्द हटाई जाएंगी बाकी दीवारें
प्रशासन ने बताया कि जो भी अस्थायी संरचनाएं अभी शेष हैं, उन्हें जल्द ही तोड़कर पूरी तरह हटा दिया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने।
अफवाहों से बचने की अपील
एसडीओ विकास कुमार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ टीवी चैनलों पर यह खबर चलाई जा रही थी कि विक्रमशिला सेतु के पाया संख्या 19 को नुकसान पहुंचा है, जो पूरी तरह भ्रामक और निराधार है।
उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
प्रशासन सतर्क, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम लगातार सेतु की निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुल की संरचना पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित है, जिससे आमजन को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।


