बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर राज्य सरकार अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 13 मार्च को विभागीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में जमीन सर्वे से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी और यह सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा कि तय समयसीमा के भीतर सर्वे का काम पूरा हो सके।
दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
बिहार सरकार ने राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण को दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। सरकार का मानना है कि जमीन का सही और पारदर्शी रिकॉर्ड तैयार होने से जमीन से जुड़े विवादों को काफी हद तक खत्म किया जा सकेगा।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि विशेष भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त का काम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सर्वे पूरा होने के बाद राज्य के भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह अपडेट हो जाएंगे, जिससे जमीन के मालिकाना हक को लेकर होने वाले विवादों में भी कमी आएगी।
बैठक में इन मुद्दों पर होगी चर्चा
13 मार्च को होने वाली समीक्षा बैठक में अधिकारियों के साथ जमीन सर्वे की प्रगति, सामने आ रही चुनौतियों और तय समय में काम पूरा करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में सर्वे कार्य की गति बढ़ाने, तकनीकी समस्याओं को दूर करने और प्रशासनिक स्तर पर समन्वय मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।
भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत की ओर से बैठक को लेकर संबंधित अधिकारियों को आधिकारिक पत्र भी जारी किया गया है।
जमीन विवादों में मिलेगी राहत
सरकार का कहना है कि भूमि सर्वे पूरा होने के बाद राज्य के सभी जमीन रिकॉर्ड डिजिटल और अपडेटेड हो जाएंगे। इससे जमीन के असली मालिक की पहचान स्पष्ट हो सकेगी और फर्जी कागजात या पुराने रिकॉर्ड के कारण होने वाले विवादों में कमी आएगी।
इसके अलावा जमीन से जुड़े दस्तावेजों की पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को अपने अधिकारों से जुड़े रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
हड़ताल से प्रभावित हो रहा सर्वे का काम
इधर राज्य में अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी और राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जमीन सर्वे का काम भी प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी भी दी है।
उन्होंने कहा कि जो लोग काम में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं या अधिकारियों को धमकी दे रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार भूमि सर्वे के काम को हर हाल में समय पर पूरा कराना चाहती है।
सरकार का संदेश – तय समय में पूरा होगा सर्वे
विजय सिन्हा ने कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी ईमानदारी से काम करेंगे, उन्हें पूरा सम्मान दिया जाएगा। वहीं काम में बाधा डालने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का लक्ष्य है कि बिहार में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाया जाए, ताकि भविष्य में जमीन को लेकर होने वाले विवादों को खत्म किया जा सके और लोगों को उनका सही अधिकार मिल सके।


