खबर के मुख्य बिंदु:
- बड़ी कार्रवाई: सीतामढ़ी के सुरसंड BDO कृष्णा राम के ठिकानों पर निगरानी विभाग का छापा।
- अकूत संपत्ति: आय से अधिक संपत्ति का मामला; जमीन खरीदने के 21 कागजात मिलने की खबर।
- छापेमारी के ठिकाने: मोतिहारी (शंकर सरैया), पटना और सीतामढ़ी समेत 5 जगहों पर एक साथ दबिश।
- वर्तमान स्थिति: निगरानी टीम का नेतृत्व कर रहे DSP नरेंद्र कुमार ने कहा— “कार्यवाही अभी जारी है।”
मोतिहारी: भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आज एक बड़ी मछली निगरानी के जाल में फंसी है। सीतामढ़ी जिले के सुरसंड प्रखंड में तैनात BDO कृष्णा राम के ठिकानों पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने शनिवार सुबह एक साथ धावा बोल दिया। मोतिहारी के रहने वाले बीडीओ साहब ने नौकरी के दौरान कितनी ‘कमाई’ की है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके पास से अब तक जमीन के 21 अलग-अलग दस्तावेज मिलने की बात सामने आ रही है।
सुबह-सुबह पहुंची टीम, मच गया हड़कंप
शनिवार की सुबह जब लोग सोकर उठे ही थे, तभी निगरानी की कई गाड़ियां मोतिहारी के शंकर सरैया गांव पहुंचीं।
- पैतृक और किराए का घर: टीम ने बीडीओ कृष्णा राम के गांव वाले घर और मोतिहारी शहर में उनके किराए के मकान को एक साथ खंगाला।
- पटना में भी दबिश: निगरानी की एक टीम पटना स्थित उनके आवास पर भी छापेमारी कर रही है।
- सीक्रेट सूचना: बताया जा रहा है कि निगरानी विभाग को काफी समय से बीडीओ द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की गुप्त सूचना मिल रही थी, जिसके सत्यापन के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
“21 जमीन के मामले और अकूत दौलत”
निगरानी टीम के सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े 21 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा कई बैंक खातों, सोने के जेवरात और नकदी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। टीम का नेतृत्व कर रहे पुलिस उपाधीक्षक (DSP) नरेंद्र कुमार ने बताया:
”बीडीओ कृष्णा राम के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज था। मोतिहारी और पटना समेत कुल 5 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही संपत्ति के सही आंकड़ों का खुलासा किया जाएगा।”
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
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विवरण |
जानकारी |
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नाम |
कृष्णा राम (BDO) |
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तैनाती |
सुरसंड प्रखंड, सीतामढ़ी |
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निवासी |
शंकर सरैया, मोतिहारी |
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आरोप |
आय से अधिक संपत्ति (DA Case) |
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बड़ी बरामदगी |
जमीन के 21 दस्तावेज (प्रारंभिक सूचना) |
VOB का नजरिया: साहब तो ‘जमीन के सौदागर’ निकले!
एक सरकारी अफसर जिसकी जिम्मेदारी जनता की सेवा और प्रखंड का विकास करना था, उसने अपना पूरा ध्यान ‘जमीन’ जुटाने में लगा दिया। 21 जमीनों के दस्तावेज यह बताते हैं कि साहब को फाइलों से ज्यादा खेतों और प्लॉटों में दिलचस्पी थी। मोतिहारी से लेकर पटना तक फैले इस साम्राज्य का अंत अब निगरानी की कोठरी में होता दिख रहा है। यह उन तमाम भ्रष्ट अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश है जो सरकारी कुर्सी को कमाई का जरिया समझते हैं।


