- हाजीपुर जोनल मुख्यालय से आई 2 सदस्यीय टीम; बुधवार देर रात शुरू की छापेमारी, अधिकारियों में खलबली
- रेक प्वाइंट, बुकिंग काउंटर और साफ-सफाई की ली गई तलाशी; अतिक्रमण पर रहा विशेष फोकस
- लगातार कार्रवाई: पिछले 3-4 महीनों में चौथी बार विजिलेंस ने दी दस्तक
द वॉयस ऑफ बिहार (नवगछिया/भागलपुर)
पूर्व मध्य रेलवे के महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक नवगछिया रेलवे स्टेशन पर बुधवार की देर रात अचानक हड़कंप मच गया। हाजीपुर जोनल मुख्यालय से आई विजिलेंस (सतर्कता) विभाग की टीम ने स्टेशन का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया, जिससे वहां मौजूद रेलकर्मियों और अधिकारियों के होश उड़ गए।
4 महीने में चौथी रेड
रेलवे में भ्रष्टाचार और अनियमितता रोकने के लिए विभाग कितना सख्त है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन-चार महीनों में नवगछिया स्टेशन पर विजिलेंस की यह चौथी छापेमारी है।
- टीम: हाजीपुर जोनल क्षेत्र से दो सदस्यीय विजिलेंस टीम नवगछिया पहुंची थी।
- समय: टीम ने बुधवार की देर रात से ही स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी और जांच शुरू कर दी थी।
इन चीजों की हुई बारीकी से जांच
विजिलेंस अधिकारियों ने स्टेशन के कई महत्वपूर्ण विभागों की फाइलें और व्यवस्था खंगाली:
- रेक प्वाइंट (Rake Point): माल लदान और उतारने वाली जगह की जांच की गई।
- बुकिंग काउंटर: टिकटों की बिक्री और कैश का मिलान किया गया।
- अतिक्रमण (Encroachment): टीम ने स्टेशन परिसर में हुए अतिक्रमण को लेकर विशेष तौर पर मौजूद अधिकारियों से जानकारी ली और सवाल-जवाब किए।
- साफ-सफाई: स्टेशन पर स्वच्छता की स्थिति का भी जायजा लिया गया।
अधिकारी रहे मौजूद
छापेमारी के दौरान स्थानीय रेल अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। इनमें नवगछिया आईओ डब्लू (IOW) अविनाश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर मुन्ना पासी और स्टेशन प्रबंधक अनिल चौरसिया शामिल थे।


