स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा: जानिए उनका सफर, और अब आगे क्या?

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा, राष्ट्रपति को भेजा त्याग पत्र

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार देर शाम अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन आया यह निर्णय राजनीतिक हलकों में चौंकाने वाला रहा।

धनखड़ ने अपना इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपा है। उन्होंने अपने त्याग पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रिपरिषद, सांसदों और देश की जनता का आभार व्यक्त किया है।


इस्तीफे में क्या लिखा धनखड़ ने?

धनखड़ ने अपने इस्तीफे में कहा:

“मैं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं। प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद और सांसदों से जो सहयोग, स्नेह और विश्वास मिला, वह मेरे लिए जीवन भर स्मरणीय रहेगा।”

उन्होंने आगे कहा:

“मैं इस महान लोकतंत्र में उपराष्ट्रपति के रूप में मिले अमूल्य अनुभवों और ज्ञान के लिए अत्यंत आभारी हूं।”


जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर: एक नज़र

  • जन्म: 18 मई 1951, झुंझुनू, राजस्थान, किसान परिवार
  • शिक्षा: सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़, फिर राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक और एलएलबी
  • राजनीति में प्रवेश: 1989 में झुंझुनू से लोकसभा सांसद चुने गए
  • मंत्री पद: वी.पी. सिंह और चंद्रशेखर सरकार में केंद्रीय मंत्री (1989–1991)
  • राज्यपाल: 30 जुलाई 2019 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल नियुक्त
  • उपराष्ट्रपति: 6 अगस्त 2022 को 14वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली
  • चुनाव परिणाम: 2022 में उन्होंने विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराकर उपराष्ट्रपति पद जीता था। उन्हें 528 मत मिले थे, जबकि अल्वा को 182 मत

अब आगे क्या? उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?

धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब भारत को नया उपराष्ट्रपति चुनने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया:

  • चुनाव में केवल लोकसभा और राज्यसभा के सांसद मतदान करते हैं।
  • राज्यसभा के नामांकित सदस्य भी मतदान में भाग ले सकते हैं।
  • मतदान गोपनीय होता है, और इसका संचालन चुनाव आयोग करता है।

योग्यता:

  • उम्मीदवार भारत का नागरिक हो
  • आयु 35 वर्ष या उससे अधिक
  • राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता हो
  • नामांकन के साथ ₹15,000 की जमानत राशि जमा करनी होती है।

यदि उम्मीदवार को कुल वैध मतों का 1/6 हिस्सा भी नहीं मिलता है, तो उसकी जमानत राशि जब्त हो जाती है।


नया राजनीतिक समीकरण

धनखड़ के अचानक इस्तीफे से एनडीए को नए उपराष्ट्रपति पद के लिए जल्द ही रणनीतिक फैसले लेने होंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि सत्ताधारी गठबंधन इस पद के लिए किस चेहरे पर दांव लगाता है।


 

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