वाराणसी में इंसानियत को शर्मसार करने वाली वीभत्स दास्तान: मां ने 16 हजार और 10 साड़ियों में बेची 12 साल की बेटी, खरीदार और ऑटो चालक ने किया दुष्कर्म, तीनों आरोपी गिरफ्तार

वाराणसी, 24 मई 2026। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी के सारनाथ प्रक्षेत्र से मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह झकझोर देने वाली और कलयुगी क्रूरता की एक ऐसी वीभत्स पटकथा लाइव हुई है, जिसने सामाजिक सुरक्षा ग्रिड और मातृत्व के पवित्र ताने-बाने को मलबे में तब्दील कर दिया है। बिहार के अरवल जिले की मूल निवासी एक 12 वर्षीय मासूम नाबालिग बालिका को उसकी सगी मां द्वारा महज कतिपय रुपयों और साड़ियों के विन्यास में बेचने, तदुपरांत खरीदार द्वारा महीनों तक उसका शारीरिक शोषण करने और अंततः वाराणसी में एक ऑटो चालक द्वारा पुनः उसे हवस का शिकार बनाने का रूह कंपा देने वाला मामला आधिकारिक रूप से उजागर हुआ है।

​सारनाथ थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस अमानवीय सिंडिकेट के भीतरी कड़ियों को क्रैक कर दिया है और पीड़िता की मां, मुख्य खरीदार तथा ऑटो चालक को विधिक रूप से गिरफ्तार कर जेल की अभेद्य चहारदीवारी के पीछे लॉक कर दिया है।

ममता का सौदा: 16 हजार रुपये और 10 साड़ियों में सगी मां ने तय किया मासूम का विन्यास

​इस दिल दहला देने वाले आपराधिक प्रकरण के धरातलीय विन्यासों और केस डायरी के आधिकारिक इनपुट्स की जब जासूसी विंग ने प्रारंभिक स्क्रूटनी शुरू की, तो रिश्तों के कत्ल की एक खौफनाक दास्तान पटल पर आई। पीड़िता मूल रूप से बिहार राज्य के अरवल जिले के रामपुर चौरम थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसकी सगी मां ने ममता की शुचिता को पूरी तरह से म्यूट करते हुए चंदौली जिले के रहने वाले एक रसूखदार व्यक्ति के साथ अपनी 12 वर्षीय कनिष्ठ बेटी का सौदा तय कर लिया।

​विलेखों के अनुसार, मासूम बच्ची की जिंदगी का मूल्य महज 16 हजार रुपये की नकद तरलता और 10 पीस साड़ियों के विन्यास में लॉक कर दिया गया। इस वित्तीय और भौतिक लेन-देन के मुकम्मल होने के बाद मां ने अपनी बेटी को खरीदार के सुपुर्द कर दिया और खुद को इस दायित्व से पूरी कड़ाई से ब्लॉक कर लिया।

चार महीने तक बंधक गृह में पाशविक अत्याचार, मन भरा तो कैंट स्टेशन पर किया म्यूट

​मासूम बच्ची को इस अवैध सौदे के तहत खरीदने वाला मुख्य आरोपी चंदौली जिले के बलुआ (हरधन) प्रक्षेत्र का मूल निवासी लहरू यादव उर्फ राकेश संधारित बताया गया है। लहरू यादव ने बच्ची को अपने अंचल में ले जाकर एक गुप्त बंधक गृह के भीतर प्रविष्ट करा दिया। पिछले लगातार चार महीनों के लंबे समयांतराल के भीतर आरोपी लहरू यादव मासूम बच्ची के साथ उसकी मर्जी के खिलाफ लगातार पाशविक दुष्कर्म और शारीरिक उत्पीड़न लाइव मोड पर करता रहा।

​इस नरक के भीतर फंसी मासूम जब भी प्रतिवाद करने का प्रयास करती, तो उसकी चीखों को डरा-धमकाकर म्यूट कर दिया जाता था। चार महीने की इस बर्बरता के बाद जब आरोपी का मन पूरी तरह से भर गया और उसे विधिक प्रणालियों का आंशिक भय सताने लगा, तो उसने इस बाहरी मलबे को ठिकाने लगाने का क्रूर निर्णय लिया। वह गुपचुप तरीके से बच्ची को लेकर वाराणसी के व्यस्ततम कैंट रेलवे स्टेशन के मुहाने पर पहुंचा और उसे लावारिस अवस्थिति में छोड़कर प्रक्षेत्र से बाहर फरार हो गया।

ऑटो चालक का छलावा: मदद के बहाने कमरे पर ले जाकर दोबारा ढाया जुल्म

​कैंट रेलवे स्टेशन के कोलाहल और अनजान प्रक्षेप के बीच खड़ी 12 साल की यह मासूम बच्ची भूख, प्यास और गहरे मानसिक अवसाद के चक्रव्यूह में फंसी रो रही थी। इसी समयांतराल पर वहां एक ऑटो चालक लाइव मोड पर प्रविष्ट हुआ, जिसकी पहचान झारखंड के लोहसा निवासी रवि वर्मा के रूप में हुई है, जो वर्तमान समय में वाराणसी के सोनातालाब अंचल में किराए का कमरा लेकर रह रहा था।

​ऑटो चालक रवि वर्मा ने बच्ची की लाचारी और एकाकीपन का अनुचित सांगठनिक लाभ उठाने का आपराधिक ब्लूप्रिंट तैयार किया। उसने बच्ची को उसकी विधिक सुरक्षित अवस्थिति या घर तक पहुंचाने का एक झूठा और कूटनीतिक आश्वासन हस्तगत कराया। मासूम बच्ची ने उस पर भरोसा कर लिया और उसके ऑटो के भीतर प्रविष्ट हो गई।

​परंतु, ऑटो चालक उसे किसी सुरक्षित केंद्र पर ले जाने के बजाय सीधे सोनातालाब स्थित अपने एकांत किराये के कमरे पर डाइवर्ट कर ले गया। वहाँ ले जाकर उसने भी इंसानियत की सीमाओं को लांघते हुए मासूम बच्ची के साथ बेरहमी से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस दूसरे आघात के बाद आरोपी ऑटो चालक ने रात के अंधेरे में बच्ची को सोनातालाब में सड़क के किनारे बेहद असहाय अवस्थिति में फेंक दिया।

सड़क किनारे बिलखती मासूम पर पड़ी ग्रामीणों की नजर, सारनाथ पुलिस ने संभाला मोर्चा

​सोनातालाब मुख्य मार्ग के किनारे धूल और आंसुओं के मलबे में सनी मासूम बच्ची को सिसकते और रोते देख अंचल के कनिष्ठ राहगीरों और स्थानीय नागरिकों की सांगठनिक मुस्तैदी लाइव हो गई। ग्रामीणों ने बिना कोई समय गंवाए तत्काल स्थानीय पुलिस नियंत्रण कक्ष और सारनाथ थाना पुलिस को मामले की संवेदनशील खुफिया इनपुट हस्तगत कराई।

​सूचना फ्लैश होते ही सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में पुलिस कप्तानों और महिला सुरक्षा गार्डों का एक आक्रामक दस्ता सायरन मोड पर तुरंत घटना स्थल की ओर डाइवर्ट हुआ। पुलिस ने त्वरित रिस्पॉन्स दिखाते हुए पीड़िता को अपनी सुरक्षा अभिरक्षा में लिया और उसे शांत कराकर महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टरों के विशेष केबिन में स्थानांतरित किया। वहाँ पूरी संवेदनशीलता के साथ जब बच्ची का फर्दबयान रिकॉर्ड किया गया, तो उसके मुंह से निकली इस खौफनाक और दोहरी दास्तान को सुनकर पुलिस अधिकारियों की केस डायरी भी आंसुओं से आकंठ भर गई।

फरीदपुर अंडरपास और स्टेशन के समीप घेराबंदी: तीनों नामजद अभियुक्त दबोचे गए

​सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने मामले की विधिक गुरुता और संवेदनशीलता को भांपते हुए बिना किसी लिपिकीय ढिलाई के त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की रूपरेखा लाइन-अप की। पुलिस की टेक्निकल सेल और जिला खुफिया इकाई ने तत्काल आरोपियों के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और संभावित भागने के रूट लेआउट्स को सर्विलांस ग्रिड पर ले लिया।

​शनिवार को पुलिस के खोजी दस्तों को एक पुख्ता इनपुट हाथ लगा कि दोनों मुख्य पुरुष आरोपी अंचल छोड़कर डाइवर्ट होने की फिराक में संधारित हैं। पुलिस ने त्वरित नाकेबंदी करते हुए फरीदपुर अंडरपास के निकट प्रखर दबिश दी और घेराबंदी कर मुख्य खरीदार लहरू यादव उर्फ राकेश तथा ऑटो चालक रवि वर्मा को भौतिक रूप से दबोच लिया। इसके समानांतर, पुलिस की एक अन्य जासूसी टीम ने सारनाथ रेलवे स्टेशन के पास जाल बिछाकर अपनी ही बेटी की विधिक अस्मिता का सौदा करने वाली कलयुगी मां (अरवल, बिहार निवासी) को भी विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

पॉक्सो एक्ट और कड़क धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज, फॉरेंसिक साक्ष्य लॉक्ड

​सारनाथ थाना पुलिस ने इस जघन्य सामाजिक अपराध के विरुद्ध बेहद कड़ा और अभेद्य विधिक शिकंजा कसा है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की अत्यंत कड़क और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया है।

​पुलिस ने पीड़िता का स्थानीय सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों और स्त्री रोग विशेषज्ञों के विशेष मेडिकल बोर्ड से विस्तृत शारीरिक और फॉरेंसिक स्वास्थ्य परीक्षण मुकम्मल कराया है, ताकि भीतर आए कंक्रीट घावों और अंदरूनी चोटों की सांख्यिकी को विधिक रूप से केस डायरी का मुख्य साक्ष्य विनिर्मित किया जा सके। इसके साथ ही, डीएनए (DNA) प्रोफाइलिंग के डिजिटल डेटा डंप को भी सीलबंद संचिका में सुरक्षित लॉक किया गया है, ताकि अदालत के पटल पर आरोपियों के बचने के तमाम विन्यासों को पूरी कड़ाई के साथ ब्लॉक किया जा सके। शनिवार को तीनों अभियुक्तों को कड़े सशस्त्र सुरक्षा घेरे के बीच कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने की विधिक प्रक्रिया ससमय पूरी कर ली गई है।

  • ये भी पढ़े..

    बांकीपुर में BJP का दमखम: नितिन नवीन बोले- ‘मेरे घर को भेदना इतना आसान नहीं’

    Share Add as a preferred…

    बांकीपुर में BJP का शक्ति प्रदर्शन: सम्राट चौधरी-नितिन नवीन का मेगा रोड शो, नीरज सिन्हा के लिए मांगा वोट

    Share Add as a preferred…