नई दिल्ली: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में महज़ 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी ऐतिहासिक पारी खेली कि क्रिकेट जगत दंग रह गया। इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में वैभव ने चौकों-छक्कों की बरसात करते हुए सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन ठोक डाले।
वैभव ने अविश्वसनीय 218 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 15 चौके और 15 छक्के जड़े। इस पारी के साथ उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे तेज शतक और सबसे तेज 150 रन बनाने का नया रिकॉर्ड बना दिया।
कप्तान का फैसला, वैभव ने बनाया यादगार
भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। उनका यह निर्णय वैभव सूर्यवंशी ने पूरी तरह सही साबित कर दिया।
पहली ही गेंद से वैभव आक्रामक अंदाज में नजर आए और इंग्लिश गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं।
हालांकि ओपनर एरोन जॉर्ज जल्दी आउट हो गए, लेकिन वैभव ने दूसरे छोर से मोर्चा संभाले रखा और मैदान के चारों ओर शॉट लगाए।
55 गेंदों में शतक, 71 गेंदों में 150
- वैभव ने केवल 55 गेंदों में शतक पूरा किया – यह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल का सबसे तेज शतक है।
- मात्र 71 गेंदों में 150 रन बनाकर वह इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे तेज 150 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
- 80 गेंदों में 175 रन बनाकर उन्होंने टीम इंडिया को विशाल स्कोर की नींव दी।
18 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
इस पारी के दौरान वैभव ने एक और बड़ा कीर्तिमान अपने नाम किया। वह अंडर-19 वर्ल्ड कप की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के (15) लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
इससे पहले यह रिकॉर्ड माइकल हिल के नाम था, जिन्होंने 2008 में नामीबिया के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे।
भविष्य का सुपरस्टार!
14 साल की उम्र में इस तरह की निडर और परिपक्व पारी ने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बना दिया है। फाइनल जैसे बड़े मंच पर खेली गई यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।


