पटना, 21 सितंबर। बिहार सरकार पशुओं की उत्पादकता और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने मादा पशुओं को ब्रुसेलोसिस रोग (संक्रामक गर्भपात) से बचाने के लिए 19 सितंबर से टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
निशुल्क टीकाकरण
राज्य में 4 से 8 माह की पाड़ी एवं बाछी का निशुल्क टीकाकरण सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक घर-घर जाकर किया जा रहा है। यह अभियान जिला परिषद सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और वार्ड सदस्य की देख-रेख में संचालित किया जा रहा है।
वर्ष 2016-17 से ही बिहार में ब्रुसेलोसिस रोग से बचाव हेतु यह टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण के माध्यम से न सिर्फ पशु स्वास्थ्य में सुधार आया है, बल्कि दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है।
सात प्रकार के रोगों से बचाव
बिहार में पिछले करीब 18 वर्षों से पशुओं को सात प्रकार के रोगों से बचाव के लिए नि:शुल्क टीके लगाए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
- एच.एस. एवं बी.क्यू.
- एफ.एम.डी.
- एल.एस.डी.
- पी.पी.आर.
- ब्रुसेल्ला
- क्लासिक स्वाईन फीवर
इन टीकों की वजह से पशुओं की असमय मृत्यु में कमी आई है और राज्य के किसानों एवं पशुपालकों को इसका लाभ मिल रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य में करीब 7 करोड़ टीके लगाए गए थे।
ब्रुसेलोसिस रोग क्या है?
ब्रुसेलोसिस (संक्रामक गर्भपात) एक जीवाणु संक्रमण है जो मुख्य रूप से मवेशी, भेड़, बकरी और सूअर को प्रभावित करता है। इस रोग में पशुओं में:
- गर्भपात,
- बांझपन,
- कम दूध उत्पादन,
- प्रजनन विफलता
जैसी समस्याएं होती हैं। यह रोग ब्रुसेला (Brucella) जीवाणु के कारण फैलता है। संक्रमित जानवरों के भ्रूण, प्लेसेंटा या स्राव के संपर्क में आने, या दूषित पशु उत्पाद, विशेषकर कच्चे दूध के सेवन से मनुष्यों में भी फैल सकता है।
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