15 दिन की जंग में अमेरिका को बड़ा नुकसान? ईरानी मीडिया के दावों से हलचल

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को अब 15 दिन हो चुके हैं। Israel और United States ने मिलकर Iran के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है। इन हमलों में ईरान के कई सैन्य ठिकानों, सरकारी इमारतों, एयरपोर्ट, आर्मी बेस और खुफिया संस्थानों को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।

अमेरिका ने अपने सैन्य अभियान को Operation Epic Fury नाम दिया है, जबकि इजरायल ने इसे Operation Roaring Lion कहा है।

हालांकि ईरान के जवाबी हमलों में अमेरिका को भी कई मोर्चों पर नुकसान होने के दावे किए जा रहे हैं।


USS गेराल्ड फोर्ड पर आग लगने की घटना

ईरान के हमलों के दौरान अमेरिकी नौसेना के सबसे बड़े विमानवाहक पोतों में से एक USS Gerald R. Ford (CVN-78) पर आग लगने की खबर सामने आई थी।

बताया गया कि जहाज की मुख्य लॉन्ड्री सेक्शन में आग लगी थी। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इससे युद्धपोत को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और बाद में इसे Red Sea क्षेत्र में तैनात कर दिया गया।


KC-135 एयरक्राफ्ट क्रैश

युद्ध के दौरान अमेरिकी वायुसेना का Boeing KC‑135 Stratotanker रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट Iraq में क्रैश हो गया।

अमेरिका ने इसे तकनीकी हादसा बताया, जबकि ईरानी मीडिया का दावा है कि विमान पर एक शिया मिलिशिया गुट ने हमला किया था।


F-15E लड़ाकू विमान भी गंवाए

अमेरिकी सेंट्रल कमांड United States Central Command के मुताबिक Kuwait में तैनात तीन F‑15E Strike Eagle विमान ‘फ्रेंडली फायर’ की घटना में नष्ट हो गए।

बताया गया कि गलती से सहयोगी देश की एयर डिफेंस प्रणाली ने इन विमानों को निशाना बना लिया, हालांकि विमान में सवार सभी छह सैनिक सुरक्षित बचा लिए गए।


कतर में महंगा रडार सिस्टम क्षतिग्रस्त

अमेरिका को सबसे बड़ा आर्थिक झटका Al Udeid Air Base में लगा, जहां ईरानी मिसाइल हमले में अत्याधुनिक AN/FPS‑132 early warning radar सिस्टम क्षतिग्रस्त हो गया।

इस रडार सिस्टम की कीमत करीब 1.1 बिलियन डॉलर बताई जा रही है और इसका उपयोग लंबी दूरी से मिसाइलों और हवाई खतरों का पता लगाने के लिए किया जाता है।


THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम को नुकसान

ईरान ने United Arab Emirates में तैनात अमेरिकी THAAD सिस्टम को भी निशाना बनाया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सिस्टम और इसके रडार को भारी नुकसान पहुंचा है। इसकी कीमत करीब 22 हजार करोड़ रुपये बताई जाती है।


अमेरिकी ठिकानों पर हमलों का दावा

ईरान का दावा है कि उसने मिडिल ईस्ट में बने अमेरिका के 17 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें Bahrain की राजधानी Manama में स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय भी शामिल है।


मानवीय नुकसान

युद्ध में अमेरिका को मानवीय नुकसान भी उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 140 से अधिक सैनिक घायल हुए हैं।

इनमें से छह सैनिक Camp Arifjan में हुए हमले में मारे गए।


 

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