नई दिल्ली – अमेरिका ने कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए ईरानी तेल पर अस्थायी प्रतिबंध हटा दिया है। अब यह तेल एशिया के देशों तक आसानी से पहुँच सकता है और भारत की रिफाइनरियां इसे खरीदने की योजना बना रही हैं।
अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद राहत
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण ऊर्जा संकट को कम करने के लिए अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है। इस कदम से भारत सहित एशिया के अन्य देशों की रिफाइनरियां भी ईरानी तेल खरीदने पर विचार कर रही हैं।
भारत में रिफाइनरियों की तैयारी
तीन भारतीय रिफाइनरियों ने कहा कि वे ईरानी तेल खरीदेंगी, लेकिन भुगतान और आयात की शर्तों पर सरकार के निर्देश का इंतजार कर रही हैं। भारत में कच्चे तेल का भंडार अन्य एशियाई देशों की तुलना में कम है, इसलिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समुद्र में बड़ी आपूर्ति
केप्लर के कच्चे तेल डेटा के अनुसार, लगभग 17 करोड़ बैरल ईरानी कच्चा तेल समुद्र में मौजूद है। यह तेल मिडिल ईस्ट की खाड़ी से लेकर चीन के निकट जलक्षेत्र तक फैले जहाजों पर रखा है। एनर्जी एस्पेक्ट्स की कंसल्टेंसी के अनुसार, समुद्र में मौजूद तेल मिडिल ईस्ट के 14 दिनों के उत्पादन के बराबर है।
एशिया में तेल आपूर्ति पर असर
एशिया अपनी कच्चे तेल की 60% जरूरत मिडिल ईस्ट से पूरी करता है। इस महीने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने के कारण क्षेत्र की रिफाइनरियां कम दरों पर काम करने और ईंधन निर्यात में कटौती करने के लिए मजबूर थीं। अब ईरानी तेल की छूट से स्थिति में सुधार की उम्मीद है।


