अमेरिका-इज़राइल बनाम ईरान: नौसैनिक जहाज़ और पनडुब्बियों की भारी क्षति, युद्ध अमेरिका की शर्तों पर

तेहरान/वॉशिंगटन: 28 फरवरी, 2026 से शुरू हुआ अमेरिका और इज़राइल का हमला अब एक बड़े युद्ध का रूप ले चुका है। ईरान किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं है, जबकि अमेरिका और इज़राइल देश को साम, दाम, दंड-भेद के जरिए हार मानने पर मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

अमेरिकी सेना का दावा

गुरुवार को अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान को अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला झेलना पड़ा है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने अब तक 7,000 से अधिक टार्गेट भेद दिए हैं और गुरुवार को यह आंकड़ा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा। हेगसेथ ने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को बेकार बताते हुए कहा कि खार्ग द्वीप पर हमलों से अमेरिका को देश के भविष्य पर नियंत्रण मिला है।

नौसैनिक क्षति और मिसाइल हमले

हेगसेथ ने बताया कि अमेरिकी सेना ने 120 से अधिक ईरानी नौसैनिक जहाजों और 11 पनडुब्बियों को नष्ट या डुबो दिया है। साथ ही ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में 90 प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों के शवों का भी जिक्र किया, जो बुधवार को ईरान युद्ध में शहीद होकर घर लौटाए गए।

सैन्य नेतृत्व और अभियान

अमेरिकी रक्षा सचिव ने ईरानी सैन्य नेतृत्व को “अस्थायी नौकरी” कहा, जहां कोई वरिष्ठ कमांडर लंबे समय तक टिक नहीं पाता। उन्होंने बताया कि अमेरिका सुरंगों, मिसाइलों और ड्रोन पर टार्गेटेड और भारी हमले कर रहा है।

हेगसेथ ने यह भी दोहराया कि काम पूरा होने तक युद्ध नहीं रुकेगा और शहीद सैनिकों के बलिदान का सम्मान करते हुए मिशन पूरा किया जाएगा।


 

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