B-1 बॉम्बर से ईरान के सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमला, मध्य-पूर्व में बढ़ा तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर पहली बार बी-1 लांसर (B-1 Lancer) लंबी दूरी के रणनीतिक बॉम्बर का इस्तेमाल करते हुए बड़े हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हालिया संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद यह पहला अवसर है जब इस अत्याधुनिक बॉम्बर को अभियान में शामिल किया गया है। हमलों के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।

कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमलों में ईरान के सैन्य ऑपरेशन सेंटर, समुद्री क्षमताओं से जुड़े ठिकानों, एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज साइट और सैन्य लॉजिस्टिक केंद्रों को निशाना बनाया गया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना बताया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, बी-1 लांसर बॉम्बर ने ब्रिटेन के एक एयरबेस से उड़ान भरकर इस अभियान को अंजाम दिया। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अभियान के सभी परिचालन विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं।

भारत ने जारी की एडवाइजरी

इस बीच भारत सरकार ने काला सागर क्षेत्र में परिचालन करने वाले भारतीय ध्वज वाले जहाजों और भारतीय नाविकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। यह सलाह यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए भारतीय मालवाहक पोत एमवी गोल्डन लियो पर हाल में हुए हमले के बाद जारी की गई है। सरकार ने समुद्री मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

बढ़ सकती है क्षेत्रीय अस्थिरता

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय तनाव पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। मध्य-पूर्व में पहले से जारी अस्थिरता के बीच यह घटनाक्रम वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर भी असर डाल सकता है।

नोट: यह समाचार अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और उपलब्ध आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं और आगे की आधिकारिक जानकारी के अनुसार स्थिति स्पष्ट होगी।

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