UPSC Mystery: एक रैंक, दो दावेदार! ‘आकांक्षा’ नाम पर उलझा 301वीं रैंक का सस्पेंस;ब्रह्मेश्वर’मुखिया’ की पोती या एम्स की डॉक्टर? सोमवार को खुलेगा राज

खबर के मुख्य बिंदु:

  • अजीबोगरीब विवाद: UPSC 2025 के रिजल्ट में 301वीं रैंक पर दो ‘आकांक्षा सिंह’ ने ठोक दी दावेदारी।
  • समान रोल नंबर: दोनों अभ्यर्थियों का दावा है कि उनका रोल नंबर 0856794 है।
  • पहचान का संकट: एक बिहार के आरा की (ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती) और दूसरी यूपी के गाजीपुर की (एम्स पटना की डॉक्टर)।
  • QR कोड का खेल: गाजीपुर वाली आकांक्षा का बारकोड मैच हुआ, आरा वाली के कार्ड में दिखा दूसरा नंबर।

पटना/नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा जितनी कठिन होती है, कभी-कभी उसके नतीजों के बाद की स्थिति उससे भी ज्यादा पेचीदा हो जाती है। इस वक्त सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक सिर्फ एक ही सवाल तैर रहा है— “असली 301वीं रैंक किसकी है?” एक तरफ बिहार के आरा में जश्न मन गया, मिठाइयां बंट गईं, वहीं दूसरी तरफ पटना एम्स की एक डॉक्टर ने वीडियो जारी कर सारे दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है।

आमने-सामने: कौन हैं दो ‘आकांक्षा’?

  1. आकांक्षा सिंह (आरा, बिहार): रणवीर सेना के पूर्व प्रमुख स्वर्गीय ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती। शुक्रवार को इनके चयन की खबर आते ही इलाके में भारी जश्न मनाया गया। इनके पिता इंदुभूषण सिंह का दावा है कि उनकी बेटी का ही रिजल्ट सही है।
  2. डॉ. आकांक्षा सिंह (गाजीपुर, यूपी): पेशे से गायनेकोलॉजिस्ट और फिलहाल पटना एम्स में कार्यरत हैं। इन्होंने साक्षात्कार (Interview) का एडमिट कार्ड साझा करते हुए दावा किया कि असली सफल अभ्यर्थी वही हैं।

QR कोड ने खोली ‘सच्चाई’ की परतें?

​जब दोनों के एडमिट कार्ड की गहराई से जांच की गई, तो कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

  • गाजीपुर की डॉक्टर आकांक्षा: इनके इंटरव्यू एडमिट कार्ड पर दर्ज क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वही रोल नंबर (0856794) और आवेदन संख्या सामने आई, जो रिजल्ट लिस्ट में है।
  • आरा की आकांक्षा: इन्होंने प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) का एडमिट कार्ड दिखाया। रोल नंबर तो वही लिखा था, लेकिन जब क्यूआर कोड स्कैन किया गया, तो रोल नंबर बदल गया (0856569) और एग्जाम सेंटर भी अलग मिला।

त्वरित अवलोकन (Quick Facts)

  • रैंक: 301 (UPSC CSE 2025)
  • विवादित रोल नंबर: 0856794
  • दावेदार 1: आकांक्षा सिंह (आरा) – प्रिलिम्स कार्ड में QR कोड मिसमैच।
  • दावेदार 2: डॉ. आकांक्षा सिंह (गाजीपुर) – इंटरव्यू कार्ड और QR कोड पूरी तरह मैच।
  • UPSC का जवाब: सोमवार को आधिकारिक स्पष्टीकरण आने की उम्मीद।

क्या कहती है पुलिस और आयोग?

​UPSC के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। सूत्रों के अनुसार, सोमवार को आयोग इस पर आधिकारिक बयान जारी करेगा। अगर किसी ने जानबूझकर दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की है या गलत तरीके से सफलता का दावा किया है, तो उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और भविष्य की परीक्षाओं से डिबार (Debar) किया जा सकता है।

VOB का नजरिया: ‘डिजिटल सबूत’ बनाम ‘जज्बात’

​अक्सर देखा गया है कि यूपीएससी के नतीजों के बाद समान नाम वाले उम्मीदवारों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। लेकिन इस मामले में जिस तरह से एडमिट कार्ड के बारकोड और प्रिंटेड नंबर में अंतर दिखा है, वह किसी बड़ी गड़बड़ी या ‘सस्ती लोकप्रियता’ की कोशिश की ओर इशारा कर रहा है। यह मामला उन लाखों छात्रों के लिए भी सबक है जो अपनी मेहनत के बजाय शॉर्टकट के जरिए चर्चा में आना चाहते हैं। सोमवार का दिन न केवल ‘असली’ आकांक्षा के लिए खुशियां लाएगा, बल्कि ‘नकली’ दावेदार के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर सकता है।

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