भागलपुर | जगदीशपुर, 18 मार्च 2026 भागलपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। आरोप है कि अवैध खनन की शिकायत करना एक परिवार को भारी पड़ गया, जहां पुलिस पर ही मारपीट, उत्पीड़न और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
बुढ़िया नदी बना ‘सेफजोन’, रातभर चलता है अवैध खनन
स्थानीय लोगों के अनुसार, थाना से महज एक किलोमीटर दूर स्थित बुढ़िया नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू खनन का खेल चल रहा है।
- रातभर ट्रैक्टर, ट्रक और लोडर से बालू उठाव
- बड़े पैमाने पर डंपिंग
- मशीनों के शोर से ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाका अब अवैध कारोबारियों के लिए “सेफजोन” बन चुका है, जहां प्रशासनिक कार्रवाई नाम मात्र की होती है।
शिकायत के बाद एक्शन, फिर ढीली पड़ गई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि करीब आठ दिन पहले किसी अज्ञात व्यक्ति ने जिले के वरीय अधिकारियों को इस अवैध खनन की गुप्त सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने दबाव में आकर एक ट्रक को जब्त किया, लेकिन बाद में जांच के नाम पर उसे छोड़ दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
“शक” में घर पहुंची पुलिस, मारपीट का आरोप
पीड़ित पवन यादव का आरोप है कि शिकायत से नाराज दारोगा विकास यादव ने उन्हें निशाना बनाया।
13 मार्च की शाम दारोगा अपने कुछ सिपाहियों के साथ सादे लिवास में उनके घर पहुंचे और:
- गाली-गलौज की
- मारपीट की
- मोबाइल और नकदी छीन ली
परिजनों का कहना है कि पुलिस ने बिना किसी ठोस आधार के उन्हें प्रताड़ित किया।
भाई को हिरासत में लेकर बेरहमी से पिटाई
पवन यादव के बड़े भाई कन्हैया यादव, जो पेशे से रिक्शा चालक हैं, ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
उनके अनुसार:
- थाने में बुरी तरह पिटाई की गई
- दाहिने हाथ की दो उंगलियां टूट गईं
- लगातार पूछताछ के नाम पर प्रताड़ना दी गई
कोर्ट से जमानत, हालत गंभीर
कन्हैया यादव को 14 मार्च को एसडीओ कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिली। इसके बाद:
- पहले जगदीशपुर अस्पताल में इलाज
- फिर हालत बिगड़ने पर मायागंज अस्पताल रेफर
वर्तमान में उनका इलाज जारी है।
15 हजार रुपये वसूली का भी आरोप
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले को दबाने के लिए पुलिस के एक सहयोगी ने 15 हजार रुपये की अवैध वसूली की।
परिजनों का दावा है कि पैसे नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई थी।
इलाके में आक्रोश, जांच की मांग तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने:
- निष्पक्ष जांच
- दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
- अवैध खनन पर रोक
की मांग की है।
यह मामला अब सिर्फ अवैध खनन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।


