बिहार में दफादार और चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज की घटना ने सियासी माहौल गरमा दिया है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मियों पर पुलिस बल प्रयोग के बाद विपक्ष ने सरकार को घेर लिया। मामला इतना बढ़ा कि इसकी गूंज विधानसभा तक पहुंची और सदन में जमकर हंगामा हुआ।
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री Nitish Kumar अपनी सीट से खड़े हुए और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “हमलोग 200 (संदर्भ NDA विधायकों की संख्या 202) हैं, आपलोग कितने हैं? बेकार का हो-हल्ला मत कीजिए। आपलोग कभी कोई काम किए हैं क्या?”
विपक्षी विधायकों को सीधा जवाब
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए Bhai Virendra और Kumar Sarvjeet से कहा कि वे चुपचाप बैठें और पहले अपने काम का हिसाब दें। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की बातें सुनती रही है, लेकिन इस तरह का व्यवधान उचित नहीं है।
सीएम ने आगे कहा, “एक-दो बार गलती होने पर साथ रखा, लेकिन जब आप लोग इधर-उधर करने लगे तो हमने तय किया कि अब साथ नहीं रहना है। अब कभी माफ नहीं करेंगे। आपकी सरकार ने कभी कोई काम नहीं किया, जो भी काम हुआ हमारे समय में हुआ।”
मुख्यमंत्री के बगल में बैठे संसदीय कार्य मंत्री Vijay Kumar Choudhary उन्हें शांत कराने की कोशिश करते नजर आए और बैठने का अनुरोध किया। हालांकि, विपक्ष के हंगामा बंद करने के बाद ही मुख्यमंत्री अपनी सीट पर बैठे।
जांच और मुआवजे की मांग
संसदीय कार्य मंत्री ने सरकार की ओर से संकेत दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि कहीं भी अत्यधिक बल प्रयोग पाया गया तो उसकी समीक्षा की जाएगी।
वहीं विपक्ष इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं दिखा। विपक्षी दलों ने प्रभावित दफादारों और चौकीदारों को मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल यह मुद्दा बिहार की राजनीति में गर्म बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और सियासी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।


