
नई दिल्ली/पटना: बिहार बंद के दौरान सीवान में छात्रों के प्रदर्शन पर हुई फायरिंग का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। इस मुद्दे को लेकर संसद परिसर में भी जोरदार विरोध देखने को मिला।
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद भवन परिसर में प्रदर्शन करते हुए सरकार से कई तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा, “क्या हमारे बच्चे आतंकवादी हैं? क्या हमारी बेटियां अपराधी हैं? क्या अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना गलत है?”
‘800 छात्रों को जेल भेजा गया’, सरकार पर गंभीर आरोप
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां की गई हैं। उनके अनुसार, अब तक करीब 800 छात्रों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि पटना में माले कार्यकर्ताओं समेत लगभग 300 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में भय का माहौल बनाया जा रहा है और छात्रों व उनके परिवारों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
AK-47 फायरिंग पर सरकार से जवाब मांगा
सांसद ने सीवान में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर AK-47 जैसी असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार अब छात्रों से भी इसी तरह निपटेगी और क्या अपने अधिकारों की मांग करना अपराध माना जाएगा।
संसद परिसर में बैनर के साथ विरोध
पप्पू यादव संसद भवन में हाथों में मांगों से जुड़ा बैनर लेकर पहुंचे और छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई तथा पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार में हालात चिंताजनक हैं और सरकार को दमनात्मक रवैया छोड़कर छात्रों की बात सुननी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
25 जुलाई को NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में बिहार बंद बुलाया गया था। इस दौरान सीवान में प्रदर्शन हिंसक हो गया और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। इसी दौरान पुलिसकर्मी अभिषेक कुमार पटेल का AK-47 से फायरिंग करते हुए वीडियो सामने आया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
वीडियो वायरल होने के बाद सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के निर्देश पर संबंधित पुलिसकर्मी अभिषेक कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।


