जहानाबाद में पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर ‘गदर’: कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर फूंका गृह मंत्री का पुतला; बोले- नीट छात्रा की आवाज दबाने को हुई आधी रात में कार्रवाई

जहानाबाद | सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ रविवार (8 फरवरी 2026) को जहानाबाद में भारी बवाल देखने को मिला। कांग्रेस और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ‘आक्रोश मार्च’ निकालकर शहर को नारों से गुंजा दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार एक सोची-समझी साजिश के तहत सांसद को निशाना बना रही है।

सड़क पर संग्राम: अस्पताल मोड़ से अरवल मोड़ तक मार्च

​प्रदर्शन की शुरुआत हस्पिटल मोड़ से हुई।

  • रूट: बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए अरवल मोड़ पहुंचे।
  • पुतला दहन: वहां पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।

बड़ा आरोप: “जंतर-मंतर पर धरना देने वाले थे, डर गई सरकार”

​कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष हरि नारायण द्विवेदी ने गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं।

  • साजिश: उन्होंने कहा कि पप्पू यादव जहानाबाद की बेटी (नीट छात्रा) के साथ पटना में हुई घटना को लेकर मुखर थे। वे न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे।
  • पुराना केस: सरकार ने उनकी आवाज दबाने के लिए 31 साल पुराने मामले को जिंदा कर दिया।
  • आधी रात को एक्शन: द्विवेदी ने कहा, “वे जंतर-मंतर पर धरना देने वाले थे। सरकार इससे घबरा गई और रात के अंधेरे में एक वर्तमान सांसद को गिरफ्तार कर लिया। यह लोकतंत्र पर हमला है।”

नीट छात्रा मामला: “असली गुनाहगारों को बचा रहे, आवाज उठाने वाले को जेल”

​सामाजिक कार्यकर्ता संजय यादव ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए।

  • संरक्षण: उन्होंने आरोप लगाया कि नीट छात्रा मामले में बड़े और प्रभावशाली लोग शामिल हैं। सरकार असली अपराधियों को बचा रही है और जो आवाज उठा रहा है, उसे जेल भेज रही है।
  • चेतावनी: प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि अगर पप्पू यादव को जल्द रिहा नहीं किया गया और नीट मामले के दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र होगा।
  • ये भी पढ़े..

    जन सुराज ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की शिकायत, कार्यकर्ताओं को परेशान करने और आचार संहिता उल्लंघन का लगाया आरोप

    Share Add as a preferred…

    लोकसभा में सांसद अजय कुमार मंडल ने उठाया भागलपुर उपभोक्ता आयोग का मुद्दा, तीन वर्षों में दर्ज मामलों से अधिक का हुआ निपटारा

    Share Add as a preferred…