पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव गुरुवार को पटना पहुंचते ही भारतीय जनता पार्टी और एनडीए सरकार पर जमकर बरसे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी लगातार आरएसएस के एजेंडों को लागू करने की कोशिश कर रही है और बिहार में एनडीए सरकार जनता के हितों की अनदेखी कर रही है।
पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में भी भाजपा की नीतियों और कुरीतियों के खिलाफ अपनी बात खुलकर रखी है, जिसे पूरा देश देख चुका है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार गरीबों और कमजोर वर्गों के साथ व्यवहार कर रही है, वह बेहद चिंताजनक है।
गरीबों के घर और दुकानें तोड़े जाने पर गंभीर सवाल
सांसद ने बिहार सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में गरीबों के घर और दुकानों को तोड़ा जा रहा है, लेकिन इसके पीछे किस अदालत का आदेश है, यह कोई स्पष्ट नहीं करता। उन्होंने कहा कि प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर गरीबों को बेघर कर रहा है।
पप्पू यादव ने सवाल उठाया, “किस कोर्ट ने आदेश दिया कि गरीबों का घर तोड़ दिया जाए? सरकार बताना तो चाहे कि इस तरह की कार्रवाई किस आधार पर हो रही है।’’ उनका कहना था कि न्याय के नाम पर अन्याय किया जा रहा है और हजारों परिवारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ा जा रहा है।
बिहार में एनडीए सरकार जनता के विरुद्ध— पप्पू यादव
सांसद ने कहा कि बिहार की जनता ने भरोसा कर एनडीए सरकार को चुना था, लेकिन सरकार अब उन्हीं के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि गरीब, किसान, मजदूर और आम आदमी सरकार की नीतियों से प्रताड़ित हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल सिर्फ अपने राजनीतिक हितों को साधने में लगा है।
उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई गरीबों और शोषितों के लिए है और वे संसद से लेकर सड़क तक सरकार की गलत नीतियों और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।


