पेंशन-वेतन मामले पर उपेन्द्र कुशवाहा की सफाई, कहा– ‘सूचना अधूरी, आरोप बेबुनियाद’

पटना: सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सामने आई एक रिपोर्ट में एक साथ पेंशन और वेतन लेने का मामला उजागर होने के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चीफ और राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने इसे पूरी तरह गलत और तथ्यहीन बताया है।

कुशवाहा ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि उनके बारे में “अधूरी जानकारी” के आधार पर भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं।

“RTI की जानकारी अधूरी, मेरा नाम गलत तरीके से शामिल” – कुशवाहा

पेंशन-वेतन मामले पर उपेन्द्र कुशवाहा की सफाई, कहा– ‘सूचना अधूरी, आरोप बेबुनियाद’

उन्हाेंने कहा कि RTI में दी गई सूची में पेंशन शुरू किए जाने की तारीख तो दर्ज है, लेकिन कब, किसने, कितनी पेंशन ली, इसका कोई भी स्पष्ट ब्योरा नहीं है।

कुशवाहा ने कहा,
“मैंने केवल उसी अवधि में पेंशन ली है जब मैं किसी भी सदन का सदस्य नहीं था। सदन में रहते हुए केवल सदन का वेतन लिया है। उस दौरान पेंशन लेने का सवाल ही नहीं उठता।”

“मैं नियम का शत-प्रतिशत पालन कर रहा हूं”

राज्यसभा सांसद ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में वे केवल राज्यसभा का वेतन ले रहे हैं और विधानसभा या विधान परिषद की पेंशन नहीं ले रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक साथ किसी सदन का वेतन और किसी सदन की पेंशन नहीं ले सकता। मैं इस प्रावधान का पूरी तरह पालन कर रहा हूं।”

क्या है पूरा मामला?

RTI से मिली जानकारी में दावा किया गया था कि बिहार और केन्द्र सरकार के कुछ नेता एक साथ वेतन और पेंशन ले रहे हैं। इस सूची में उपेन्द्र कुशवाहा का नाम भी बताया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ा। कुशवाहा ने इन आरोपों को “झूठा और भ्रामक” बताते हुए सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी है।


पेंशन-वेतन मामले पर उपेन्द्र कुशवाहा की सफाई, कहा– ‘सूचना अधूरी, आरोप बेबुनियाद’
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