एक ओर बिहार सरकार अपराध पर लगाम कसने और भूमि विवाद को जड़ से खत्म करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीन से जुड़े विवाद अब भी हिंसक घटनाओं का कारण बनते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले के मुसहरी थाना क्षेत्र का है, जहां रोहुआ पेट्रोल पंप के पास बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी।
सुबह-सुबह गोलियों से दहला इलाका
गुरुवार सुबह अचानक हुई इस गोलीबारी से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। अपराधियों ने एक घर के बाहर कई राउंड फायरिंग की। गनीमत रही कि गृहस्वामी और उनके परिजन इस हमले में बाल-बाल बच गए।
CCTV में कैद हुई पूरी घटना
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है। फायरिंग की पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
फुटेज में साफ दिख रहा है कि बाइक सवार अपराधी लगातार करीब 9 राउंड फायरिंग करते हैं और मौके से फरार हो जाते हैं। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान में जुटी है।
भूमि विवाद और रंगदारी से जुड़ा मामला
पीड़ित की पहचान बावन बीघा निवासी सतीश कुमार ठाकुर के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि रोहुआ स्थित जमीन और मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
“उक्त जमीन को लेकर पहले से विवाद है। रंगदारी मांगने को लेकर मुसहरी थाना में पहले ही प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। उसी दबाव में अपराधियों ने फायरिंग की है।”
— सतीश कुमार ठाकुर, गृहस्वामी
बताया गया कि घटना के समय उनके बेटे समीर ठाकुर का उस मकान पर नियमित आना-जाना रहता है।
इलाके में भय का माहौल
घटना के बाद से रोहुआ पेट्रोल पंप और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया:
“अज्ञात अपराधियों द्वारा फायरिंग की गई है। CCTV फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला भूमि विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। पीड़ित को आवेदन देने को कहा गया है, आगे की कार्रवाई जारी है।”
— राजेश सिंह प्रभाकर, ग्रामीण एसपी, मुजफ्फरपुर
सवालों के घेरे में भूमि सुधार जन संवाद
हाल ही में उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भूमि विवाद को अपराध की जड़ बताते हुए भूमि सुधार जन संवाद कार्यक्रम शुरू किया था। उद्देश्य था कि समय रहते विवादों का समाधान हो और हिंसक घटनाओं पर रोक लगे।
लेकिन मुजफ्फरपुर की यह वारदात एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है कि
क्या ऐसे कार्यक्रमों का असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है?
या फिर भूमि विवाद अब भी अपराधियों के लिए हथियार बना हुआ है?


