
नारायणपुर (भागलपुर)। 08 अप्रैल 2026 :भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 31) एक बार फिर रक्त रंजित हुआ है। भवानीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस व्यस्त राजमार्ग के किनारे बुधवार को एक युवक अत्यंत ही दयनीय और लहूलुहान अवस्था में पाया गया। सड़क किनारे तड़प रहे इस अचेत युवक पर जब भवानीपुर पुलिस की गश्ती टीम की नजर पड़ी, तो मानवीय संवेदनाओं और कर्तव्यपरायणता का परिचय देते हुए पुलिस ने बिना वक्त गंवाए उसे अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, गंभीर चोटों और मानसिक आघात के कारण युवक अपनी पहचान बताने में असमर्थ है। फिलहाल वह भागलपुर के मायागंज अस्पताल में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। ‘द वॉइस ऑफ बिहार’ की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए आखिर क्या है पूरा मामला और कैसे आप इस अनजान युवक के परिजनों तक सूचना पहुँचाने में मदद कर सकते हैं।
गश्ती टीम की मुस्तैदी: ‘गोल्डन ऑवर’ में मिली मदद
घटना बुधवार की है, जब भवानीपुर थाने की पुलिस टीम एनएच 31 पर नियमित गश्ती पर थी। इसी दौरान सड़क के किनारे झाड़ियों के पास एक युवक को रक्तरंजित अवस्था में गिरा हुआ देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों या गुजरने वाले वाहनों ने शायद इसे सामान्य दुर्घटना समझकर नजरअंदाज कर दिया होगा, लेकिन पुलिस टीम ने तुरंत वाहन रोककर युवक की स्थिति जांची।
युवक के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण वह अर्धमूर्छित अवस्था में था। गश्ती दल ने तत्काल इसकी सूचना थानाध्यक्ष को दी और बिना एम्बुलेंस का इंतजार किए अपने ही वाहन से उसे नारायणपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी ‘गोल्डन ऑवर’ घायल की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, और भवानीपुर पुलिस की इस सक्रियता ने युवक को वह कीमती समय प्रदान किया।
नारायणपुर से मायागंज तक का सफर: स्थिति नाजुक
नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि युवक की स्थिति काफी चिंताजनक है। आंतरिक चोटों और सिर में गहरा जख्म होने के कारण उसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी की आवश्यकता थी। सीएचसी के डॉक्टरों ने प्राथमिक पट्टी और प्राथमिक जीवन रक्षक दवाएं देने के बाद उसे तत्काल बेहतर इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज), भागलपुर रेफर कर दिया।
वर्तमान में युवक मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत अभी भी स्थिर नहीं है। वह बीच-बीच में होश में आता है, लेकिन अत्यधिक सदमे और संभवतः ‘मेमोरी लॉस’ या भ्रम की स्थिति के कारण अपना नाम, घर का पता या पिता का नाम स्पष्ट रूप से बताने में सक्षम नहीं है।
शिनाख्त की चुनौती: ‘हिट एंड रन’ की आशंका
भवानीपुर थानाध्यक्ष शंभू कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला प्रथम दृष्टया ‘हिट एंड रन’ का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा:
”युवक जिस स्थान पर मिला, वहां के हालात देखकर स्पष्ट है कि किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उसे पीछे से टक्कर मारी और चालक मौके से फरार हो गया। युवक के पास से कोई मोबाइल फोन, आधार कार्ड या ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला है जिससे उसकी पहचान तुरंत की जा सके। वह जो कुछ बोल रहा है, वह असंबद्ध है, जिससे लगता है कि उसे गहरा मानसिक आघात लगा है।”
थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के ढाबों और सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है ताकि उस वाहन का पता लगाया जा सके जिसने इस घटना को अंजाम दिया।
पहचान का हुलिया: क्या आप इन्हें जानते हैं?
पुलिस ने आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से इस युवक की पहचान करने में सहयोग की अपील की है। युवक का विवरण कुछ इस प्रकार है:
- उम्र: लगभग 20 से 25 वर्ष।
- रंग: गेहुआं।
- पहनावा: (पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार) साधारण वस्त्र।
- शारीरिक बनावट: औसत कद-काठी।
युवक की तस्वीर और उससे जुड़ी जानकारी भागलपुर जिले के सभी थानों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में साझा की जा रही है। पुलिस का मानना है कि हो सकता है यह युवक किसी पड़ोसी जिले या राज्य का हो जो मजदूरी या किसी अन्य काम से एनएच 31 के रास्ते जा रहा हो।
भवानीपुर पुलिस की अपील: मानवता का परिचय दें
थानाध्यक्ष शंभू कुमार ने ‘द वॉइस ऑफ बिहार’ के माध्यम से जनता से विशेष अपील की है:
”यदि आपके आसपास का कोई युवक पिछले 24-48 घंटों से लापता है या इस विवरण से मिलता-जुलता कोई व्यक्ति आपके संज्ञान में है, तो कृपया तुरंत भवानीपुर थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। आपका एक छोटा सा प्रयास इस युवक को उसके परिवार से मिला सकता है और उसकी जान बचा सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस युवक के बारे में कोई भी जानकारी साझा करता है, तो उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा और पुलिस उसे हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
एनएच 31: हादसों का गलियारा
नारायणपुर और भवानीपुर के बीच का एनएच 31 खंड अपनी तेज रफ्तार और मोड़ के कारण काफी खतरनाक माना जाता है। रात के समय और तड़के सुबह यहाँ भारी वाहनों की आवाजाही सबसे अधिक होती है, और अक्सर छोटी गाड़ियां या पैदल यात्री ‘हिट एंड रन’ का शिकार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि इस खंड पर पुलिस की गश्ती और अधिक बढ़ाई जाए और रिहायशी इलाकों के पास लाइटिंग और स्पीड ब्रेकर की उचित व्यवस्था हो।
निष्कर्ष: एक सामूहिक जिम्मेदारी
सड़क किनारे मिला यह युवक आज केवल पुलिस की फाइल का एक केस नहीं है, बल्कि यह हमारी सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। भवानीपुर पुलिस ने अपना धर्म निभाया है, अब बारी समाज की है। ‘द वॉइस ऑफ बिहार’ अपने पाठकों से अनुरोध करता है कि इस खबर को अधिक से अधिक साझा करें ताकि युवक के परिजन उन तक पहुँच सकें।
इस युवक की जान बचाने के लिए जहाँ डॉक्टर अपनी कोशिश कर रहे हैं, वहीं इसकी पहचान होना सबसे बड़ी जरूरत है ताकि उसे सही समय पर पारिवारिक संबल मिल सके। भागलपुर पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही घायल की पहचान उजागर होगी।


