अरवल | कुर्था प्रखंड, राजेपुर गांव
राजेपुर गांव में रविवार की दोपहर उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब निर्माणाधीन पुल का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में मौके पर मौजूद पांच ग्रामीण मलबे में दब गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुल टूटते ही धूल का गुबार उठा और लोग इधर-उधर भागने लगे। कुछ पल के लिए पूरा इलाका दहशत में आ गया।
पुराना पुल तोड़ते वक्त टूटा कहर
ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से राजेपुर में पुराने पुल को तोड़कर नया पुल बनाने का काम चल रहा था। रविवार को जेसीबी से पुराने पुल को गिराया जा रहा था। इसी दौरान गांव के कुछ लोग पास खड़े होकर काम देख रहे थे।
तभी पुल का एक हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा और पांच लोग उसकी चपेट में आकर मलबे में दब गए।
घायलों की पहचान
हादसे में घायल हुए लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- लाल पंडित
- रामप्रीत यादव
- जैन अंसारी
- दो अन्य ग्रामीण
ग्रामीणों ने तुरंत मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला और सीएचसी कुर्था पहुंचाया।
प्राथमिक इलाज के बाद लाल पंडित और रामप्रीत यादव की हालत गंभीर होने पर उन्हें सदर अस्पताल, अरवल रेफर कर दिया गया। अन्य तीन का इलाज कुर्था में जारी है।
न सुरक्षा घेरा, न चेतावनी बोर्ड
हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि—
- निर्माण स्थल पर कोई बेरिकेटिंग नहीं थी
- डायवर्सन की व्यवस्था नहीं
- चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया था
लोगों का आरोप है कि विभाग और ठेकेदार की लापरवाही ने ग्रामीणों की जान खतरे में डाल दी।
ठेकेदार ने क्या कहा?
ठेकेदार कौशल किशोर शर्मा ने सफाई देते हुए कहा—
“पुराने पुल को तोड़ा जा रहा था। कुछ लोग सरिया निकालने और देखने के लिए पास खड़े थे। तभी पुल का हिस्सा गिर गया और हादसा हो गया।”
प्रशासन हरकत में
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। गांव में स्थिति फिलहाल शांत है, लेकिन लोगों में विभाग के प्रति गहरा गुस्सा है।
ग्रामीणों का सवाल है—
जब पुल गिराया जा रहा था, तो सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए?


