बिहटा में बेकाबू कार का कहर: ग्रामीणों को मारी टक्कर, पथराव के बाद कार से पिस्टल-कारतूस बरामद

पटना। राजधानी पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के राघोपुर गांव में एक अनियंत्रित कार ने अचानक लोगों को टक्कर मार दी, जिससे कई ग्रामीण घायल हो गए। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने कार पर जमकर पथराव किया, जबकि पुलिस के पहुंचने तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी।

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, राघोपुर गांव में अचानक तेज रफ्तार से आ रही एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े लोगों और राहगीरों को अपनी चपेट में लेती चली गई। हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही थी। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक ने वाहन को रोकने के बजाय भागने की कोशिश की, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए और कार पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान इलाके में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।

घटना की सूचना मिलते ही बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया और स्थिति को धीरे-धीरे सामान्य किया। इस बीच, दुर्घटना के बाद भागने की कोशिश कर रहे वाहन को पुलिस ने पीछा कर पकड़ लिया और जब्त कर लिया।

हालांकि, कार में सवार सभी लोग मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली तो उसमें से दो पिस्टल, एक मैगजीन और 15 कारतूस बरामद किए गए। यह बरामदगी मामले को और गंभीर बना देती है, क्योंकि इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि वाहन सवार किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल हो सकते थे।

थाना प्रभारी अमित कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राघोपुर गांव में ग्रामीणों को टक्कर मारने वाली कार को जब्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि वाहन की तलाशी के दौरान हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं, जिसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, फरार आरोपियों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।

घटना के समय इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी थी, क्योंकि मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर पुलिस द्वारा विभिन्न चौक-चौराहों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। बावजूद इसके इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा बेहद अचानक हुआ और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन न करना और तेज रफ्तार वाहन चलाना इस तरह की घटनाओं का प्रमुख कारण होता है। इसके साथ ही, वाहन में हथियारों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि मामला केवल सड़क हादसे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे आपराधिक एंगल भी हो सकता है।

इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बना दिया है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आखिर खुलेआम हथियार लेकर घूमने वाले लोग किस मंशा से वहां मौजूद थे।

फिलहाल घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, जो राहत की बात है। वहीं, पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है।

अंततः, यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा बल्कि कानून-व्यवस्था से जुड़े कई सवाल खड़े करती है। अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि फरार आरोपियों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है और इस मामले के पीछे की असली सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है।

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