वैशाली: बिहार की प्रतिभा ने एक बार फिर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अपना लोहा मनवाया है। वैशाली जिले के बिदूपुर निवासी उज्जवल प्रियांक ने यूपीएससी की प्रतिष्ठित परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 10वां स्थान (AIR-10) हासिल कर इतिहास रच दिया है।
उनकी इस उपलब्धि पर वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने उन्हें अपने कार्यालय कक्ष में आमंत्रित कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
किसान और इंजीनियर पिता के इकलौते पुत्र
उज्जवल प्रियांक बिदूपुर पंचायत के वार्ड संख्या-03 (बिदूपुर दिलावरपुर पूर्वी) के निवासी हैं। वे अभियंता संजीव कुमार के इकलौते पुत्र और स्वर्गीय राम नरेश सिंह के पौत्र हैं।
उनके पिता पेशे से इंजीनियर होने के साथ-साथ एक प्रगतिशील किसान भी हैं और बड़े पैमाने पर आम के बगीचे लगाए हुए हैं। उज्जवल की इस सफलता से उनके परिवार, गांव और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।
पढ़ाई में हमेशा रहे अव्वल
उज्जवल की शुरुआती पढ़ाई ज्ञान निकेतन, पटना से हुई। वर्ष 2016 में उन्होंने दसवीं की परीक्षा में शानदार 10 CGPA अंक हासिल किए।
इसके बाद वर्ष 2018 में सेंट माइकल, पटना से इंटरमीडिएट (ISC) की परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। आगे उन्होंने जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की।
तीसरे प्रयास में मिली ऐतिहासिक सफलता
उज्जवल प्रियांक को यह सफलता यूपीएससी के तीसरे प्रयास में मिली है। अपनी उपलब्धि पर उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी ऊंची रैंक की उम्मीद नहीं थी।
उन्होंने कहा,
“मुझे 10वीं रैंक मिलने की उम्मीद नहीं थी। जब लोगों से बधाइयां मिलने लगीं और जिलाधिकारी ने सम्मानित करने के लिए बुलाया, तब मुझे अपनी सफलता का एहसास हुआ।”
मां और भगवान को दिया सफलता का श्रेय
उज्जवल ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी मां और अपने आराध्य द्वारकाधीश और राधा रानी के आशीर्वाद को दिया है।
जिले और राज्य के लिए गर्व का पल
उज्जवल की इस सफलता से वैशाली जिले के साथ-साथ पूरे बिहार का नाम रोशन हुआ है।
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि उज्जवल जैसे युवा जिले के अन्य छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सम्मान समारोह के दौरान उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे और इसे अपने जीवन का सबसे यादगार पल बताया।


