HIGHLIGHTS
- बड़ी कार्रवाई: कोटवा पुलिस ने दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर जाली नोटों के साथ दो युवकों को दबोचा।
- अनोखा मामला: बरामद सभी नोटों पर एक ही सीरीज और एक ही नंबर दर्ज; स्थानीय स्तर पर छपाई की आशंका।
- गिरफ्तारी: डुमरियाघाट का अभिनव और कोटवा का धीरज पुलिस की गिरफ्त में।
- अलर्ट: छोटे नोटों (100 रुपये) के जरिए ग्रामीण बाजारों में खपाए जा रहे थे जाली नोट।
कोटवा (पूर्वी चंपारण) | 15 मार्च, 2026
मोतिहारी के कोटवा थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाली नोटों के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। हालांकि बरामद नोटों की संख्या कम है, लेकिन उनकी बनावट और एक ही सीरीज के नंबर ने पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये युवक किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं जो छोटे नोटों के जरिए स्थानीय बाजारों में सेंध लगा रहे हैं।
ओवरब्रिज और पीपराकोठी में छापेमारी, ऐसे चढ़े हत्थे
कोटवा थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि जाली नोटों की खरीद-फरोख्त होने वाली है।
- पहला ठिकाना: पुलिस ने कोटवा ओवरब्रिज के पास स्थित ‘टी-मैक्स’ नामक दुकान पर धावा बोलकर अभिनव कुमार (निवासी- धनगढ़हां, डुमरियाघाट) को पकड़ा।
- दूसरा ठिकाना: अभिनव की निशानदेही पर पुलिस ने पीपराकोठी के बंगरी के पास से धीरज कुमार (निवासी- कोटवा गांव) को गिरफ्तार किया।
6 नोट और एक ही नंबर: पुलिस की बढ़ी चिंता
तलाशी के दौरान इन दोनों के पास से 100-100 रुपये के छह जाली नोट बरामद किए गए। जांच करने पर पुलिस तब हैरान रह गई जब यह पता चला कि सभी छह नोट एक ही सीरीज और एक ही नंबर के थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि नकली नोटों की छपाई और उनका प्रसार एक गंभीर आर्थिक अपराध है। आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत मामला दर्ज कर लिया गया है और अब उनसे पूछताछ की जा रही है कि वे ये नोट कहाँ से लाए थे और इसके पीछे मास्टरमाइंड कौन है।
VOB का नजरिया: 100 के नोटों का ‘खतरनाक’ खेल
अक्सर पुलिस और आम जनता 500 रुपये के जाली नोटों को लेकर सतर्क रहती है, लेकिन 100 रुपये के जाली नोटों का बाजार में आना अधिक खतरनाक है। छोटे नोटों पर लोग अक्सर शक नहीं करते और वे आसानी से एक हाथ से दूसरे हाथ में चले जाते हैं। एक ही सीरीज के नोट मिलना इस बात का संकेत है कि कहीं आस-पास ही इसकी छपाई (Local Printing) हो रही है। पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि क्या इन युवकों ने पहले भी बाजारों में ऐसे नोट खपाए हैं? छोटे दुकानदारों और आम जनता को भी अब 100 के नोटों को जांच-परख कर लेने की जरूरत है।


