पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से बगावत कर चुके सूर्यगढ़ा से छह बार के विधायक प्रह्लाद यादव इन दिनों राजनीतिक हलकों में सुर्खियों में हैं। एनडीए में शामिल होने के बाद उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव वे एनडीए के टिकट पर ही लड़ेंगे, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें टिकट किस दल से मिलेगा। इस बीच केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के तीखे बयान पर भी उन्होंने करारा पलटवार किया है।
“एनडीए से लड़ूंगा चुनाव, चाहे दल कोई भी हो”
प्रह्लाद यादव ने कहा,
“मैं किस दल से चुनाव लड़ूंगा, यह बाद में तय होगा लेकिन इतना तय है कि मैं एनडीए की टिकट पर ही लड़ूंगा। छह बार जीतने वाला विधायक हूं, मेरी जीत समीकरण की वजह से नहीं, अपने काम के कारण होती है। विजय सिन्हा के कहने पर एनडीए में आया था, मेरी कुर्बानी को तवज्जो मिलनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब सरकार संकट में थी, तब उन्होंने एनडीए को समर्थन देकर सरकार बचाने में अहम भूमिका निभाई थी, और इस नाते एनडीए को भी उन्हें सम्मान देना चाहिए।
ललन सिंह पर हमला, कहा- एक आदमी के बोलने से फर्क नहीं पड़ता
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने हाल ही में प्रह्लाद यादव को टिकट दिए जाने की अटकलों पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि “सूर्यगढ़ा से हमारा उम्मीदवार लखीसराय का आतंक नहीं होगा।”
इस पर पलटवार करते हुए प्रह्लाद यादव ने कहा:
“ललन सिंह कुछ भी कहें, उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। पार्टी सामूहिक निर्णय से चलती है, किसी एक व्यक्ति के कहने से कुछ नहीं होता।”
‘वोटर लिस्ट पुनरीक्षण में कोई गड़बड़ी नहीं’
वोटर लिस्ट को लेकर उठे विवादों पर प्रह्लाद यादव ने कहा:
“पुनरीक्षण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है। जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा कर रहे हैं। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन तथ्यात्मक विरोध होना चाहिए।”
1995 से राजनीति में सक्रिय, छह बार जीत चुके चुनाव
प्रह्लाद यादव ने 1995 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था और तब से अब तक वे छह बार विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2020 में वे राजद के टिकट पर विजयी हुए थे, लेकिन 2024 में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन से नाता तोड़कर एनडीए का दामन थामा, तब विश्वास मत के दौरान प्रह्लाद यादव ने सरकार को समर्थन देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।


