भागलपुर। बबरगंज थाना क्षेत्र से लापता हुईं दो नाबालिग छात्राओं का आठ दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में छात्राओं की एक सहेली को संदिग्ध मानते हुए पूछताछ की गई है। आरोप है कि इसी लड़की ने जन्मदिन की पार्टी का बहाना बनाकर दोनों छात्राओं को घर से बुलाया था, जिसके बाद वे वापस नहीं लौटीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने डीएसपी सिटी-2 राकेश कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। एसआईटी में बबरगंज थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार, कांड के आईओ और डीआईयू (डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट) की टीम को शामिल किया गया है। पुलिस लापता छात्राओं की लोकेशन ट्रेस कर उनके ठिकाने तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
क्लासमेट का बड़ा दावा, ह्यूमन ट्रैफिकिंग एंगल से जांच
लापता छात्राओं की कक्षा में पढ़ने वाली एक अन्य छात्रा सामने आई है, जिसने उसी संदिग्ध लड़की का नाम लिया है। उसका दावा है कि एक गिरोह के साथ मिलकर दोनों छात्राओं को गायब कराया गया। इस छात्रा ने यह भी बताया कि पिछले साल सितंबर में उसे भी अगवा कर उत्तर प्रदेश ले जाया गया था, जहां से वह किसी तरह एक अन्य पीड़िता के साथ भागकर लौटी। इन जानकारियों के बाद पुलिस ह्यूमन ट्रैफिकिंग के एंगल से भी जांच कर रही है और गिरोह की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा रहा।
पॉक्सो न लगाने पर परिजनों का विरोध
शुक्रवार को लापता छात्रा की मां और भाई एसएसपी कार्यालय पहुंचे और आरोप लगाया कि बबरगंज थाना पुलिस ने कांड में पॉक्सो की धारा नहीं जोड़ी। इस पर डीएसपी सिटी-2 राकेश कुमार ने स्पष्ट किया कि जिस लड़की पर संदेह है वह भी नाबालिग है, इसलिए फिलहाल पॉक्सो लगाना उचित नहीं समझा गया।
परिवार का दर्द
लापता छात्रा के भाई ने बताया कि 8 जनवरी को संदिग्ध लड़की घर आई थी और पार्टी की बात कहकर उसकी बहन को साथ ले गई थी। उस दिन के बाद से बहन वापस नहीं लौटी, जिससे परिवार गहरे सदमे में है।
पुलिस का दावा
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि एसआईटी को सभी एंगल से जांच के निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही मामले में ठोस प्रगति होगी। पुलिस का कहना है कि टीम लगातार काम कर रही है और छात्राओं को सुरक्षित बरामद करने पर फोकस है।


