डेहरी (रोहतास)।सोचिए… महीनों की तैयारी, रात-रात भर की पढ़ाई, माता-पिता की उम्मीदें…
और जब परीक्षा देने पहुंचे तो गेट बंद!
बस 1 से 2 मिनट की देरी और आधा दर्जन से ज्यादा छात्राओं का सपना उसी गेट के बाहर छूट गया।
यह घटना रामारानी जैन बालिका 10+2 विद्यालय स्थित इंटर परीक्षा केंद्र की है, जहां पहले ही दिन नियमों की सख्ती छात्राओं पर भारी पड़ गई।
ऑटो जाम में फंसा, गेट नियम में
छात्राओं ने बताया कि वे समय से निकली थीं, लेकिन एनएच-2 पर भीषण जाम में उनका ऑटो फंस गया।
जैसे-तैसे वे केंद्र पहुंचीं, लेकिन तब तक गेट बंद हो चुका था।
छात्राएं बाहर खड़ी रहीं, हाथ जोड़कर गुहार लगाती रहीं—
“सर, बस दो मिनट लेट हुए हैं…”
लेकिन जवाब मिला— नियम से कोई समझौता नहीं।
बाहर रोती रहीं, अंदर शुरू हो गई परीक्षा
गेट के बाहर खड़ी छात्राओं की आंखों में आंसू थे, अंदर परीक्षा शुरू हो चुकी थी।
कुछ छात्राएं जमीन पर बैठ गईं, कुछ मोबाइल पर घरवालों को फोन कर फूट-फूटकर रोती रहीं।
प्रशासन बोला— जांच करेंगे
इस पूरे मामले पर डेहरी एसडीओ निलेश कुमार ने कहा कि
“जाम की समस्या को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। छात्राओं को प्रवेश नहीं मिलने की जांच कर उचित निर्णय लिया जाएगा।”
13 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी
राज्य में इंटर परीक्षा में इस साल
13,17,846 छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा 13 फरवरी तक चलेगी।
सख्ती भी, सजावट भी
- हर केंद्र पर सीसीटीवी
- वीडियोग्राफी
- दो बार तलाशी
और साथ ही…
राज्य में 152 मॉडल परीक्षा केंद्र,
जहां रेड कारपेट, फूल, गुब्बारे और हेल्पडेस्क तक लगाए गए हैं।
लेकिन सवाल वही…
क्या 2 मिनट की देरी में
किसी का पूरा साल खत्म कर देना सही है?
अब इंतजार है—
क्या प्रशासन इन छात्राओं को दूसरा मौका देगा,
या यह कहानी यहीं खत्म हो जाएगी…


