पटना। बिहार कैडर के दो महत्वपूर्ण आईपीएस अधिकारी — अशोक मिश्रा (2016 बैच) और के. रामदास (2019 बैच) — अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार दोनों अधिकारी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में अपनी सेवाएं देंगे। इस फैसले के बाद बिहार पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
अशोक मिश्रा वर्तमान में स्पेशल ब्रांच में तैनात हैं, जबकि के. रामदास सीआईडी (CID) में पदस्थापित हैं। दोनों अधिकारियों की केंद्रीय एजेंसी में तैनाती को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
बिहार छोड़ केंद्र जाने की बढ़ती प्रवृत्ति
पुलिस महकमे में यह सवाल उठ रहा है कि राज्य के अनुभवी और काबिल आईपीएस अधिकारी लगातार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का विकल्प क्यों चुन रहे हैं। पिछले डेढ़-दो वर्षों में एक दर्जन से अधिक अधिकारियों के केंद्र जाने की चर्चा है। वर्तमान में पी. कन्नन, राकेश राठी और जितेंद्र कुमार जैसे अधिकारियों के नाम भी केंद्रीय सेवा के लिए विचाराधीन बताए जा रहे हैं।
आंतरिक चुनौतियां और पेशेवर दबाव
सूत्रों के अनुसार, राज्य में आईपीएस अधिकारियों के लिए कार्य वातावरण पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। आपसी शिकायतों, प्रशासनिक दबाव और अंदरूनी खींचतान जैसी परिस्थितियों ने पेशेवर माहौल को जटिल बना दिया है। कई अधिकारी फील्ड और मुख्यालय स्तर पर तनावपूर्ण स्थितियों में कार्य कर रहे हैं।
सुशासन के सामने चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि योग्य अधिकारियों का लगातार राज्य से बाहर जाना प्रशासनिक दृष्टि से चिंता का विषय हो सकता है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो कानून-व्यवस्था और जमीनी पुलिसिंग पर असर पड़ सकता है। ऐसे में राज्य सरकार के सामने पुलिस बल का मनोबल बनाए रखने और बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की चुनौती खड़ी हो सकती है।


