साहेबगंज रेलवे स्टेशन पर दो दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन, कर्मचारियों को राजभाषा में कार्य करने का दिया गया प्रशिक्षण

मालदा, 13 मार्च। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साहेबगंज रेलवे स्टेशन पर दो दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 12 और 13 मार्च 2026 को साहेबगंज रेलवे स्टेशन के सभाकक्ष में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यह कार्यक्रम मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मंडल के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालयी कार्यों में हिंदी के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें इसके व्यावहारिक प्रयोग का प्रशिक्षण देना था।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत संबोधन से

कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ अनुवादक विद्यासागर राम के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सहायक यांत्रिक अभियंता पवन कुमार सिंह उपस्थित रहे, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में साहेबगंज कॉलेज के पूर्व प्राचार्य रामजन्म मिश्र ने कार्यक्रम को संबोधित किया।

राजभाषा में कार्य करना सरल और आवश्यक

अपने संबोधन में पवन कुमार सिंह ने मालदा मंडल के राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी में काम करना कठिन नहीं है, बल्कि यह सरल और सहज है। कर्मचारियों को हिंदी में काम करने को किसी बाध्यता के रूप में नहीं बल्कि स्वेच्छा और जिम्मेदारी के रूप में अपनाना चाहिए।

हिंदी के संवैधानिक महत्व पर चर्चा

मुख्य वक्ता रामजन्म मिश्र ने हिंदी के संवैधानिक महत्व और सरकारी कार्यों में इसके उपयोग की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी में कार्य करना केवल संवैधानिक दायित्व ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य भी है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं कर्मचारियों को हिंदी के व्यावहारिक उपयोग में आने वाली समस्याओं को समझने और उन्हें दूर करने में मदद करती हैं।

कार्यालयी कार्यों में हिंदी के उपयोग का प्रशिक्षण

दो दिनों तक चली इस कार्यशाला को प्रतिदिन दो सत्रों में आयोजित किया गया। इसमें कर्मचारियों को टिप्पणी लेखन, पत्र लेखन और आधिकारिक पत्राचार की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इसके अलावा राजभाषा से संबंधित नियमों और अधिनियमों के बारे में भी बताया गया। कर्मचारियों को कंप्यूटर पर हिंदी में काम करने के तरीके और तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी दी गई, ताकि वे अपने दैनिक कार्यालयी कार्यों में हिंदी का प्रभावी उपयोग कर सकें।

भाषा की सरलता और स्पष्टता पर जोर

कार्यशाला के दौरान सरकारी कार्यों में प्रयोग होने वाली हिंदी को सरल, स्पष्ट और शुद्ध रखने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि भाषा जितनी सरल होगी, संचार उतना ही प्रभावी होगा और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।

रेल अधिकारियों के अनुसार मालदा मंडल के राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यशाला कर्मचारियों को हिंदी के उपयोग के लिए प्रेरित करने और सरकारी कामकाज में इसके प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। आने वाले समय में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि राजभाषा हिंदी का प्रयोग और अधिक सशक्त हो सके।

  • Related Posts

    बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में राष्ट्रीय किसान मेला–सह–प्रदर्शनी 16 से 18 मार्च तक, तैयारियाँ अंतिम चरण में

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    सफाली संस्थान में इंटर्नशिप के दूसरे दिन छात्राओं ने सीखा बीएमआई निकालने का तरीका, रक्तदान के महत्व पर भी दी गई जानकारी

    Share Add as a preferred…

    Continue reading