डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 18.70 लाख की ठगी, पटना और वैशाली से दो साइबर ठग गिरफ्तार

भागलपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के चुनिहारी टोला निवासी रत्ना गुप्ता से हुई 18.70 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना और वैशाली से दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले समस्तीपुर से एक आरोपी को पकड़ा जा चुका है। उसी की निशानदेही पर दोनों सहयोगियों तक पुलिस पहुंची।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत मकंदपुर निवासी ताराकांत प्रसाद और पटना के इंद्रपुरी स्थित लावराना निवासी दुर्गानंद मिश्र के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से एक लैपटॉप, चार्जर और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

समस्तीपुर से पहले पकड़ा गया था एक आरोपी

इस मामले में इससे पहले समस्तीपुर जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र स्थित शाहपुर पटोरी निवासी अविनाश कुमार को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसी ने ताराकांत और दुर्गानंद के नाम बताए थे। इसके बाद साइबर पुलिस की टीम ने छापेमारी कर दोनों को अलग-अलग जगहों से दबोच लिया।

पुलिस बनकर देते थे धमकी

जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को मुंबई पुलिस और नेशनल सीक्रेट डिपार्टमेंट का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। कॉल के दौरान रिकॉर्डिंग होने का दावा करते और मनी लॉन्ड्रिंग में नाम आने की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते थे। इसी डर में लोग उनके बताए खातों में पैसे ट्रांसफर कर देते थे।

ऐसे रची ठगी की साजिश

पीड़िता रत्ना गुप्ता ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 4 जनवरी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को नेशनल सीक्रेट डिपार्टमेंट और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया। उसने रत्ना और उनके पति संजय पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया।

आरोपी ने कहा कि उनकी कॉल रिकॉर्ड हो रही है और अगर सहयोग नहीं किया गया तो तत्काल कार्रवाई होगी। डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पांच और छह जनवरी को पति के बैंक खाते से कुल 18.70 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।

अन्य खातों और नेटवर्क की जांच जारी

साइबर पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, कॉल डिटेल और डिजिटल डिवाइस की जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय है और अब तक कई लोगों को इसी तरीके से अपना शिकार बना चुका है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर खुद को पुलिस या एजेंसी बताने वाले लोगों पर भरोसा न करें और तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

  • ये भी पढ़े..

    बीड़ी और खनन श्रमिकों के बच्चों के लिए बड़ी राहत, केंद्र सरकार दे रही 1,000 से 25,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति

    Share Add as a preferred…

    पीएम सूर्य घर योजना में बिहार का राष्ट्रीय स्तर पर जलवा, सरकारी भवनों के सौर ऊर्जाकरण के लिए मिला प्रतिष्ठित सम्मान

    Share Add as a preferred…