
समाचार के मुख्य बिंदु: साबरचक गांव में ‘मिनी गन हाउस’ का खुलासा
- बड़ी कामयाबी: पटना पुलिस ने नौबतपुर थाना क्षेत्र के साबरचक गांव में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध हथियारों और नकदी के साथ दो शातिर अभियुक्तों को दबोचा है।
- खास गिरफ्त: गिरफ्तार आरोपियों में साबरचक निवासी रवींद्र कुमार शामिल है, जो वर्तमान में पैक्स (PACS) अध्यक्ष के पद पर तैनात है।
- भारी बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के पास से एक 0.315 बोर की राइफल, दो देशी कट्टे, 16 जिंदा कारतूस, 20 खोखा, एक चाकू और 89,810 रुपये नकद बरामद किए हैं।
- दो ठिकानों पर दबिश: पुलिस ने पहले रवींद्र कुमार के वर्तमान घर और फिर उसकी निशानदेही पर पुराने घर (संजय कुमार का घर) में छापेमारी कर हथियारों को जब्त किया।
- पुलिसिया घेराबंदी: यह पूरा ऑपरेशन नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के निर्देशन और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 (फुलवारीशरीफ) के नेतृत्व में सफल हुआ।
- VOB इनसाइट: किसी सार्वजनिक पद (पैक्स अध्यक्ष) पर बैठे व्यक्ति के घर से इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों और खाली खोखों का मिलना न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह क्षेत्र में सक्रिय किसी बड़े ‘अपराध सिंडिकेट’ की ओर भी इशारा करता है। बरामद हुए 20 खाली खोखे (Empty Shells) इस बात का भौतिक साक्ष्य हैं कि इन हथियारों का इस्तेमाल या परीक्षण हाल ही में किया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का उपयोग आगामी पंचायत चुनाव या किसी बड़ी रंजिश को अंजाम देने के लिए तो नहीं किया जाना था।
नौबतपुर (पटना) | 29 मार्च, 2026
पटना जिले के ग्रामीण इलाकों में अवैध हथियारों की तस्करी और उनके भंडारण के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। नौबतपुर थाना क्षेत्र का साबरचक गांव शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात गोलियों की तड़तड़ाहट से तो नहीं, लेकिन पुलिस के जूतों की आहट से जरूर गूंज उठा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पटना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसका नेतृत्व एक ‘सफेदपोश’ पैक्स अध्यक्ष कर रहा था।
आधी रात की ‘ऑपरेशन साबरचक’: जब पैक्स अध्यक्ष के घर पहुँची पुलिस
28 और 29 मार्च 2026 की दरम्यानी रात पटना पुलिस के पास एक अत्यंत विश्वसनीय और गुप्त सूचना पहुँची। सूचना यह थी कि नौबतपुर के साबरचक गांव का रहने वाला रवींद्र कुमार, जो वर्तमान में पैक्स अध्यक्ष के महत्वपूर्ण पद पर काबिज है, अपने घर में अवैध हथियारों का एक बड़ा जखीरा छिपाए हुए है।
मामला संवेदनशील था क्योंकि आरोपी एक जन-प्रतिनिधि था। इसे देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) पटना ने तुरंत निर्देश जारी किए। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 (फुलवारीशरीफ) के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया, जिसमें नौबतपुर थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर समेत कई तेज-तर्रार पुलिस उप-निरीक्षक शामिल थे। पुलिस की टीम ने रात के अंधेरे में साबरचक गांव की घेराबंदी की और रवींद्र कुमार के नए वाले मकान पर दस्तक दी।
बैग से निकला ‘मौत का सामान’ और 89 हजार की नकदी
जैसे ही पुलिस की टीम ने रवींद्र कुमार के घर की तलाशी शुरू की, उनकी नजर एक संदिग्ध बैग पर पड़ी। जब उस बैग को खोला गया, तो पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। उस बैग के भीतर 02 देशी कट्टे, 16 जिंदा कारतूस और 20 खाली खोखे रखे हुए थे। खाली खोखों की संख्या यह बताने के लिए काफी थी कि यहाँ नियमित रूप से हथियारों का प्रदर्शन या फायरिंग की जाती रही है।
तलाशी के दौरान ही पुलिस को घर से 89,810 रुपये नकद और एक तेज धार वाला चाकू भी बरामद हुआ। नकदी की बरामदगी इस ओर इशारा करती है कि हथियारों की खरीद-बिक्री या किसी अवैध वसूली का खेल भी वहां चल रहा था। रवींद्र कुमार (59 वर्ष) को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
निशानदेही पर दूसरा प्रहार: पुराने घर से बरामद हुई राइफल
पुलिस की पूछताछ में रवींद्र कुमार ज्यादा देर तक कानून को गुमराह नहीं कर सका। उसकी निशानदेही पर पुलिस की टीम साबरचक गांव में ही उसके पुराने घर पहुँची। वर्तमान में यह घर संजय कुमार (52 वर्ष) के नाम पर था।
वहां की गई तलाशी में पुलिस को 0.315 बोर की एक राइफल बरामद हुई। संजय कुमार के पास इस राइफल के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं थे, जिसके बाद पुलिस ने संजय कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को थाने लाकर कड़ी पूछताछ शुरू की।
मुकदमा दर्ज और पुलिस टीम की विवरणी
इस पूरी कार्रवाई के संबंध में नौबतपुर थाना में काण्ड संख्या-204/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1-बी) ए/26/35 के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
छापामारी दल के जांबाज सदस्य:
इस ऑपरेशन को सफल बनाने में नौबतपुर थाना की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर के साथ पु०अ०नि० अमरेन्द्र पासवान, गोविन्द कुमार, मंजीत कुमार, किमी कुमारी और स०अ०नि० भोला शर्मा शामिल थे। इसके अलावा सशस्त्र बल के जवानों ने गांव में सुरक्षा घेरा मजबूत रखा ताकि अपराधी भागने में सफल न हो सकें।


