बिहार के मधुबनी जिले में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। दो युवकों ने खुद को उत्पाद विभाग का अधिकारी बताकर शराब कारोबारियों से अवैध वसूली करने की कोशिश की। नगर थाना पुलिस ने उत्पाद विभाग के सहयोग से जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले का खुलासा सोमवार रात को हुआ, जिसकी जानकारी उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने दी।
फर्जी पहचान बनाकर धमकी
जानकारी के अनुसार आरोपियों ने खुद को उत्पाद विभाग का अधिकारी बताकर शराबबंदी कानून का डर दिखाया और एक कारोबारी से 80 हजार रुपये की मांग की। पैसे नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जा रही थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद उत्पाद विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की योजना बनाई।
जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
ऑपरेशन के तहत पुलिस ने पहले जयनगर थाना क्षेत्र के कमलाबाड़ी निवासी सुभाष यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके बयान के आधार पर राजनगर थाना क्षेत्र के पिलखवार गांव के पास छापेमारी की गई, जहां से दो लोगों को दबोच लिया गया।
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजनगर थाना क्षेत्र के राटी बरही टोल निवासी दुर्गा नंद कुमार और राटी मोहनपुर निवासी कमल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों लंबे समय से खुद को उत्पाद विभाग का अधिकारी बताकर लोगों से पैसे ऐंठने का काम कर रहे थे।
पूछताछ जारी
सुभाष यादव से भी पूछताछ जारी है। वह इस मामले में पीड़ित के रूप में सामने आया है, जिससे आरोपियों ने 80 हजार रुपये की मांग की थी। पुलिस पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
उत्पाद अधीक्षक की अपील
उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को उत्पाद विभाग का अधिकारी बताकर पैसे मांगता है या धमकाता है, तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें। उन्होंने कहा कि विभाग ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगा ताकि फर्जी तत्वों पर रोक लगाई जा सके।


