
बिहारशरीफ | ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस ने बिहार के नालंदा जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने पंजाब के मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एक कमांडो की पत्नी को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर डराया और 12 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली।
पंजाब पुलिस ने लहेरी थाना पुलिस के सहयोग से बिहारशरीफ में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला होने की बात सामने आई है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
- मुकेश कुमार, निवासी भैंसासुर मोहल्ला, बिहारशरीफ
- विशाल भारती, निवासी अस्पताल मोड़, बिहारशरीफ
के रूप में हुई है।
दोनों के खिलाफ पंजाब के पटियाला साइबर थाना में दर्ज मामले के आधार पर कार्रवाई की गई।
‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर की थी ठगी
पटियाला साइबर थाना के सब-इंस्पेक्टर मनदीप सिंह के अनुसार, वर्ष 2024 में साइबर ठगों ने मुख्यमंत्री के कमांडो की पत्नी मनजीत कौर को खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर संपर्क किया।
आरोपियों ने उन्हें कथित कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया तथा अलग-अलग बैंक खातों में 12 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
तकनीकी जांच से बिहार तक पहुंची पुलिस
शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम बिहारशरीफ स्थित आरोपियों के बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी।
इसके बाद पंजाब पुलिस की टीम बिहार पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप
पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी दिल्ली जाकर साइबर गिरोह के संपर्क में रहते थे।
पुलिस के अनुसार—
- दोनों अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे।
- ठगी की रकम इन्हीं खातों में जमा होती थी।
- बाद में रकम निकालकर गिरोह तक पहुंचाई जाती थी।
- इसके बदले दोनों को कुल राशि का लगभग 2 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में इस साइबर गिरोह के तार दिल्ली, कोलकाता, जामताड़ा समेत कई राज्यों से जुड़े मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले भी कुछ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
साइबर सेल को मिली शिकायतों के आधार पर आशंका है कि यह नेटवर्क देशभर में अब तक करीब 5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है।
ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब ले गई पुलिस
सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पंजाब पुलिस दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ पंजाब ले गई है।
अब पुलिस गिरोह के मास्टरमाइंड, बैंक खातों के नेटवर्क और ठगी की रकम के पूरे लेनदेन की गहन जांच कर रही है।


