
अगरतला/बागपत: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ सोमवार को पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय के शौचालय में फंदे से लटके मिले। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा।
कार्यालय के शौचालय में मिले
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुराग धनखड़ को पुलिस मुख्यालय से अस्पताल ले जाया गया, जहां दोपहर में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
घटना के बाद त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने इस मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग उठाई है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने डीजीपी अनुराग धनखड़ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
मई 2025 में संभाला था डीजीपी का पद
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। उन्होंने मई 2025 में त्रिपुरा के डीजीपी का पदभार संभाला था। अपने सेवा काल में उन्होंने त्रिपुरा पुलिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भी सेवाएं दी थीं।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत के निवासी
अनुराग धनखड़ का पैतृक संबंध उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से था। उनका परिवार लंबे समय से पुलिस एवं सार्वजनिक सेवा से जुड़ा रहा है।
नोट: प्रारंभिक जानकारी के आधार पर घटना की जांच जारी है। मृत्यु के कारणों को लेकर आधिकारिक निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।


