भागलपुर, 16 जुलाई।भागलपुर स्थित राधामाधव मंदिर परिसर में मंगलवार को हिंदू महासभा के राष्ट्रीय सचिव एवं जनसंघ के संस्थापक सदस्य पंडित राघवाचार्य शास्त्री जी की 33वीं पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य वक्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर इस राष्ट्रनिष्ठ विद्वान विभूति को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विद्वत्ता और राष्ट्रसेवा का प्रतीक
पंडित राघवाचार्य शास्त्री जी को उनके शास्त्रीय ज्ञान, वैदिक परंपरा में गहन निपुणता और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रति अटूट समर्पण के लिए याद किया गया। उनके जीवन की विविध उपलब्धियों, समाज और संगठन के प्रति समर्पण और विचारशीलता को मंच से वक्ताओं ने भावपूर्ण शब्दों में स्मरण किया।
गणमान्यजनों की उपस्थिति
कार्यक्रम में जगतगुरु स्वामी अनन्ताचार्य जी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शहनवाज हुसैन, बिहार सरकार के कला-संस्कृति मंत्री मोतीलाल प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष साह, जिला महामंत्री योगेश पांडेय, नितेश सिंह, वंदना तिवारी, आलोक बंटू, प्राणिक वाजपेयी, युवा मोर्चा के क्षेत्रीय प्रभारी कुश पांडेय, रितेश घोष सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
वक्ताओं के विचार
पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने पंडित शास्त्री जी को “शास्त्रार्थ महारथी” की संज्ञा देते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी और शास्त्री जी के बीच गहरी मित्रता थी। वाजपेयी जी ने उन्हें यह उपाधि उनके अपूर्व वैदिक ज्ञान और राष्ट्रनिष्ठ विचारों के लिए दी थी।
सैयद शहनवाज हुसैन ने अपने संबोधन में कहा कि अंग प्रदेश की धरती ऐसे महान चिंतकों की जन्मभूमि रही है, जिनकी विचारधारा आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा, “पंडित राघवाचार्य शास्त्री जी का जीवन एक प्रकाशस्तंभ की तरह है, जो धर्म, संस्कृति और राष्ट्रनिष्ठा के आदर्शों को उजागर करता है।”
आयोजन की गरिमा
सभा में वक्ताओं ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के प्रति शास्त्री जी के योगदान को रेखांकित करते हुए उनकी शिक्षाओं को आधुनिक समय में भी प्रासंगिक बताया। यह भी कहा गया कि उनकी विचारधारा और जीवनशैली से आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिलती रहेगी।
श्रद्धांजलि और समापन
कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला महामंत्री योगेश पांडेय ने किया। अंत में उपस्थित सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर पंडित शास्त्री जी के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए और राष्ट्रनिष्ठ चिंतन को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।


