
उत्तर प्रदेश में बन रहे दो बड़े एक्सप्रेसवे—गंगा एक्सप्रेसवे और शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे—बिहार से दिल्ली तक की यात्रा को पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान बनाने जा रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स के पूरी तरह चालू होने के बाद यह सफर महज 15 से 18 घंटे में पूरा हो सकेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे: दक्षिण बिहार को बड़ा फायदा
हाल ही में नरेंद्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया।
- लंबाई: करीब 594 किमी
- स्पीड: 120 किमी/घंटा
- लागत: लगभग 36,320 करोड़ रुपये
इस एक्सप्रेसवे से दक्षिण बिहार के जिले—रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, आरा और बक्सर—को सीधा लाभ मिलेगा। यहां के लोग वाराणसी और प्रयागराज के रास्ते इस हाईवे से जुड़ सकेंगे।
शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे: उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत
दूसरी ओर शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से जारी है।
- लंबाई: करीब 700 किमी
- 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड रोड
- लागत: लगभग 35,000 करोड़ रुपये
यह एक्सप्रेसवे शामली से शुरू होकर गोरखपुर तक जाएगा और आगे गोरखपुर–सिलीगुड़ी कॉरिडोर से जुड़ेगा।
इससे उत्तर बिहार के जिले—पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज—को तेज सड़क संपर्क मिलेगा।
नया रूट: पटना से दिल्ली आसान
इन दोनों एक्सप्रेसवे के बाद पटना से दिल्ली का सफर और भी सुगम हो जाएगा। संभावित रूट कुछ ऐसा होगा:
पटना → आरा → बक्सर → गाजीपुर → बलिया → पूर्वांचल एक्सप्रेसवे → लखनऊ → आगरा → यमुना एक्सप्रेसवे → दिल्ली
क्या बदलेगा?
- यात्रा समय में भारी कमी
- बेहतर कनेक्टिविटी
- व्यापार और रोजगार के नए अवसर
- बिहार के कई जिलों का तेज विकास
कुल मिलाकर, ये दोनों एक्सप्रेसवे बिहार और दिल्ली के बीच दूरी ही नहीं, बल्कि विकास की रफ्तार भी कम करने वाले साबित होंगे।


