बिहार में मत्स्य कृषकों को नई तकनीक की ट्रेनिंग

बामेती, पटना में “Fish and Disease Management” पर एक दिवसीय प्रशिक्षण

पटना, 25 सितंबर 2025।बिहार में मछली पालन को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अंतर्गत मत्स्य निदेशालय की ओर से बुधवार को बामेती, पटना में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस ट्रेनिंग का मुख्य विषय था – “Fish and Disease Management”


किसने लिया हिस्सा?

  • सभी 38 जिलों से एक-एक प्रगतिशील मत्स्य कृषक
  • पटना जिले से 3 अतिरिक्त कृषक
    👉 यानी कुल 40 मत्स्य कृषकों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य

  • मछलियों में रोगाणुओं की रोकथाम
  • तालाबों में जल गुणवत्ता बनाए रखने की तकनीक
  • जलीय कृषि में रोग प्रबंधन और नई तकनीक से बेहतर उत्पादन

प्रमुख वक्ता और विषय

  • अभिषेक रंजन, निदेशक मत्स्य – कृषकों को संबोधित किया
  • दिलिप कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक – मत्स्य तालाब प्रबंधन पर चर्चा
  • ICAR-RCER, पटना के वैज्ञानिकतालाब प्रबंधन पर प्रेजेंटेशन
  • पवन कुमार पासवान, उप निदेशक – मत्स्य योजनाओं की जानकारी
  • डा. टुनटुन सिंहमछली रोग प्रबंधन पर लेक्चर
  • मनीष श्रीवास्तव, व्याख्याता – बायोफ्लॉक तकनीक से मत्स्य पालन
  • विपिन, उप निदेशक (मगध)मत्स्य आहार उत्पादन व जल कृषि प्रबंधन
  • मो. नियाजुद्दीन, सहायक निदेशक – Fish Seed Technology
  • अमित कुमार, विकास पदाधिकारीरंगीन मछली प्रजनन और संरक्षण

ट्रेनिंग की खास बातें

  • मछलियों में होने वाली बीमारियों की रोकथाम पर गहन चर्चा
  • बायोफ्लॉक और आधुनिक तकनीक से अधिक उत्पादन के उपाय
  • रंगीन मछली पालन को भी व्यवसायिक विकल्प के रूप में बढ़ावा
  • मछली बीज उत्पादन और पूरक आहार प्रबंधन पर फोकस

समापन

प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन उप निदेशक पवन कुमार पासवान के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

👉 यह पहल बिहार में मत्स्य कृषकों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।


 

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