भागलपुर, 12 अगस्त 2025 — स्वास्थ्य विभाग और ड्रग फॉर नेगलेक्टेड डिज़ीज़ (DNDi) के तकनीकी सहयोग से डेंगू व चिकनगुनिया के चिकित्सकीय प्रबंधन पर “ट्रेनिंग फॉर ट्रेनर्स” कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम में डब्ल्यूएचओ के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. राजेश पांडेय ने कहा— “फ्रिज, कूलर, गमला और पानी टंकी की नियमित साफ-सफाई व पानी बदलने से लार्वा को नष्ट कर खुद और समुदाय को सुरक्षित रखा जा सकता है।”
प्रशिक्षण में शामिल मुख्य बिंदु
- डॉ. दीनानाथ (जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी) ने जिले में डेंगू की स्थिति व उपचार व्यवस्था पर जानकारी दी।
- डॉ. कृष्णा पांडेय (निदेशक, RMRIMS) ने बीमारी के कारण, पहचान और उपचार के तरीकों को विस्तार से बताया।
- अमित मलिक (ऑपरेशनल हेड, DNDi) ने डेंगू के लक्षण गिनाए— तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, पेट दर्द और लाल चकत्ते।
महत्वपूर्ण सावधानियां
- डेंगू Aedes मच्छर से फैलता है, जिसका लार्वा जमा पानी में पनपता है।
- दिन में भी मच्छदानी का उपयोग करें।
- इलाज में केवल पैरासिटामोल सुरक्षित है; एस्प्रिन और ब्रूफेन से बचें।
कार्यक्रम में पटना SPO ऑफिस के मो. आरिफ, रविकांत साह, कृति कुमारी, विजय कुमार, जयप्रकाश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


