भागलपुर: भागलपुर में रेल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक सक्रिय लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस ऑपरेशन में करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के जेवरात बरामद किए गए हैं और दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना के आधार पर चला ऑपरेशन
रेल एसपी विद्यासागर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि हावड़ा की ओर जाने वाली ट्रेनों में एक गिरोह लगातार चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा है।
इसी सूचना के आधार पर आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त अभियान चलाते हुए संदिग्धों की निगरानी शुरू की।
ब्लेड के साथ पकड़ा गया आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने संजय यादव नामक संदिग्ध को पकड़ा, जिसके पास से ब्लेड बरामद हुआ। पूछताछ में उसने ट्रेन यात्रियों को निशाना बनाने की बात स्वीकार कर ली।
तहखाने से मिला भारी मात्रा में लूट का सामान
संजय यादव की निशानदेही पर बबरगंज थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान मकान के तहखाने से बड़ी मात्रा में चोरी और लूट के जेवरात बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
दो आरोपी गिरफ्तार, कई और की तलाश
पुलिस ने इस मामले में—
- संजय यादव (बरियारपुर, मुंगेर)
- पलटू मंडल (खगड़िया)
को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पिछले करीब तीन वर्षों से अपने गिरोह के साथ मिलकर ट्रेनों में वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
रेल एसपी के अनुसार, पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और सरगनाओं के नाम भी सामने आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस
इस कार्रवाई को रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि ट्रेनों में अपराध पर रोक लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
निष्कर्ष:
भागलपुर रेल पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से ट्रेन यात्रियों को राहत मिली है। करोड़ों के जेवरात की बरामदगी और गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी से यह साफ है कि पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।


