समस्तीपुर में TRAI का उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम, टेलीकॉम फ्रॉड से बचाव और उपभोक्ता अधिकारों पर दी गई अहम जानकारी

बिहार के समस्तीपुर में भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा उपभोक्ताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम (Consumer Outreach Programme) आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को टेलीकॉम और ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र में उनके अधिकारों, उपलब्ध सुविधाओं और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए सरकार तथा नियामक संस्थाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने भाग लिया।

TRAI के क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उपभोक्ता सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता और टेलीकॉम सेवाओं में पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि तेजी से बढ़ते डिजिटल युग में उपभोक्ताओं के लिए केवल सेवाओं का उपयोग करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी होना भी बेहद आवश्यक है।

कार्यक्रम की शुरुआत TRAI के वरिष्ठ अधिकारियों के संबोधन से हुई। TRAI क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता के सलाहकार अशिम दत्ता ने अपने संबोधन में भारत में दूरसंचार सेवाओं के संचालन के कानूनी ढांचे पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में टेलीकॉम सेवाएं विभिन्न कानूनों, नियमों और विनियामक प्रावधानों के तहत संचालित होती हैं, जिनका उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा और सुरक्षा प्रदान करना है।

अशिम दत्ता ने TRAI की भूमिका को समझाते हुए कहा कि यह संस्था केवल दर निर्धारण या तकनीकी मानकों तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ता हितों की रक्षा इसकी प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि TRAI लगातार ऐसे नियम और दिशानिर्देश तैयार करता है, जिनसे उपभोक्ताओं को पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कार्यक्रम की थीम “टेलीकॉम और ब्रॉडकास्टिंग में उपभोक्ता संरक्षण एवं विकल्प” पर भी विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम में समस्तीपुर महिला कॉलेज की NSS प्रोग्राम ऑफिसर रिंकी कुमारी ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ा है, ऐसे में साइबर सुरक्षा और उपभोक्ता जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए कई डिजिटल सुरक्षा प्लेटफॉर्म नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं।

उन्होंने विशेष रूप से जैसे नागरिक-केंद्रित पोर्टल का उल्लेख किया और बताया कि ऐसे प्लेटफॉर्म लोगों को मोबाइल सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकथाम और शिकायत निवारण में मदद करते हैं। उनके अनुसार जागरूक नागरिक ही डिजिटल रूप से सुरक्षित समाज की नींव बनाते हैं।

समस्तीपुर कॉलेज की NSS प्रोग्राम ऑफिसर शालिनी कुमारी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि TRAI टेलीकॉम और ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर का एक महत्वपूर्ण नियामक संस्थान है, जिसकी नीतियां सीधे आम नागरिकों के हितों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे ऐसे कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ उठाएं और तकनीकी जानकारी को व्यवहारिक जीवन में उपयोग करें।

शालिनी कुमारी ने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक होता है जब उसका उपयोग नागरिक सशक्तिकरण में किया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल युग में जानकारी ही सबसे बड़ी शक्ति है और सही जानकारी लोगों को धोखाधड़ी से बचाने में मदद करती है।

कार्यक्रम के दौरान TRAI की ओर से विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। अशिम दत्ता और TRAI के कंसल्टेंट सस्वत दासगुप्ता ने प्रतिभागियों को उपभोक्ता-केंद्रित विभिन्न नियमों, आदेशों और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से अनचाहे व्यावसायिक संदेशों यानी Unsolicited Commercial Communications (UCC) के बारे में बताया।

विशेषज्ञों ने बताया कि अनचाहे कॉल और प्रमोशनल संदेश आज उपभोक्ताओं की बड़ी समस्या बन चुके हैं। TRAI ने ऐसे मामलों पर नियंत्रण के लिए कई नियम लागू किए हैं, जिनके तहत उपभोक्ता शिकायत दर्ज करा सकते हैं और कार्रवाई सुनिश्चित कर सकते हैं। शिकायत निवारण प्रणाली की विस्तृत जानकारी भी कार्यक्रम में साझा की गई।

कार्यक्रम में सेवा गुणवत्ता यानी Quality of Service पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को कॉल ड्रॉप, खराब इंटरनेट स्पीड, नेटवर्क समस्या या अन्य तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, तो उसके लिए शिकायत दर्ज करने और समाधान पाने की स्पष्ट व्यवस्था मौजूद है।

प्रतिभागियों को TRAI की विभिन्न मोबाइल एप्लीकेशनों के बारे में भी जानकारी दी गई। ऐप के माध्यम से इंटरनेट स्पीड जांचने और नेटवर्क गुणवत्ता का मूल्यांकन करने की प्रक्रिया समझाई गई। वहीं ऐप के जरिए स्पैम कॉल और अनचाहे संदेशों की शिकायत दर्ज कराने की सुविधा के बारे में बताया गया।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा टेलीकॉम फ्रॉड पर केंद्रित रहा। अधिकारियों ने टावर फ्रॉड, फर्जी कॉल, OTP धोखाधड़ी और भ्रामक संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए उपभोक्ताओं को हर संदिग्ध कॉल या संदेश के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

RBI पटना के एजीएम अमित कुमार ने वित्तीय साइबर धोखाधड़ी और बचाव उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक, डिजिटल पेमेंट स्कैम और सोशल इंजीनियरिंग के खतरे समझाए। उन्होंने नागरिकों से कहा कि किसी भी परिस्थिति में OTP, PIN या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

दूरसंचार विभाग (DoT) बिहार के एडीजी ए. हक ने संचार साथी पोर्टल की उपयोगिता समझाई। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल मोबाइल चोरी, सिम दुरुपयोग और अन्य टेलीकॉम सुरक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान में अत्यंत सहायक है। इसके माध्यम से नागरिक आसानी से शिकायत दर्ज कर सकते हैं और आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने टेलीकॉम सेवाओं, नेटवर्क समस्याओं, स्पैम कॉल और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े प्रश्न पूछे। TRAI टीम और टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं ने इन प्रश्नों के व्यावहारिक और विस्तृत उत्तर दिए।

कुल मिलाकर समस्तीपुर में आयोजित TRAI का यह उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम डिजिटल सुरक्षा, टेलीकॉम अधिकारों और उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित डिजिटल भारत की सबसे मजबूत नींव हैं।

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