
मऊ, उत्तर प्रदेश: जिले के दक्षिण टोला थाना क्षेत्र स्थित शीतला मंदिर मोड़ पर गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। बिहार के देवरिया जिले के सलेमपुर से शादी समारोह में शामिल होने जा रहा एक ही परिवार का ई-रिक्शा तेज़ रफ्तार रोडवेज बस की चपेट में आ गया। इस भीषण टक्कर में परिवार की तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पाँच बच्चों समेत सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत
हादसे में जिन तीन महिलाओं की ऑन-द-spot मौत हुई, वे एक ही परिवार से थीं—
- महजबी (65) – सास
- नूरी (30) – पत्नी तौकीर अहमद
- शाहीन (33) – पत्नी तौहीद अहमद
टक्कर के बाद ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर चारों ओर चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि शरीर के कई हिस्से सड़क पर बिखर गए।
कैसे हुआ हादसा?
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, ई-रिक्शा शीतला मंदिर मोड़ से सड़क पार कर रहा था, तभी वाराणसी की ओर से आ रही अनियंत्रित रोडवेज बस ने जोरदार टक्कर मार दी।
- टक्कर लगते ही ई-रिक्शा सड़क किनारे पलट गया।
- आसपास के लोग दौड़कर पहुँचे और घायलों को बाहर निकाला।
- हादसे के तुरंत बाद बस चालक मौके से फरार हो गया।
गुस्साए ग्रामीणों ने आक्रोश में आकर बस के शीशे तोड़ दिए। बाद में पुलिस ने बस को जब्त कर लिया।
सात लोग गंभीर रूप से घायल, पाँच बच्चे भी शामिल
घायलों में शामिल हैं—
- रफीक अहमद — ई-रिक्शा चालक और मृतक महजबी का बेटा
- रफीक के पाँच बच्चे — उम्र 2 से 10 वर्ष
- दो अन्य परिजन
सभी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि तीन घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस की कार्रवाई और बड़ी अधिकारियों की मौजूदगी
घटना की सूचना मिलते ही
- एसपी इला मारन,
- एएसपी अनूप कुमार, और
- थाना प्रभारी दक्षिण टोला
मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
एसपी ने बताया कि—
- FIR दर्ज कर ली गई है
- बस चालक की पहचान कर ली गई है
- उसकी तलाश में छापेमारी जारी है
हादसे के बाद सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। लोग बेहद आक्रोशित थे, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभालते हुए भीड़ को नियंत्रण में लिया।
ग्रामीणों में गुस्सा, सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि शीतला मंदिर मोड़ पर आए दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन ट्रैफिक प्रबंधन और स्पीड कंट्रोल का कोई प्रभावी इंतज़ाम नहीं है।


