
भागलपुर। नगर निगम के ट्रेड लाइसेंस घोटाले में एफआईआर दर्ज करने का मामला अब भी ठंडे बस्ते में पड़ा है। नगर आयुक्त शुभम कुमार द्वारा बनाई गई स्पेशल कमेटी को एक माह पहले घोटाले से जुड़े सभी दस्तावेज और सबूत जुटाकर रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन अब तक फाइल टेबल पर नहीं पहुंची।
सशक्त स्थायी समिति में उठा सवाल
एफआईआर दर्ज न होने का मुद्दा हाल ही में हुई सशक्त स्थायी समिति की बैठक में भी गरमा चुका है। सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब जांच के लिए कमेटी गठित हो चुकी है, तो रिपोर्ट में इतनी देरी क्यों?
ADM की रिपोर्ट भी शामिल होगी
जिला प्रशासन के निर्देश पर एडीएम आपदा प्रबंधन कुंदन कुमार ने जून माह में ही जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। नगर निगम की जांच टीम अब इस रिपोर्ट को भी अपने दस्तावेज में शामिल करेगी।
FIR का इंतजार
नगर आयुक्त को जैसे ही संयुक्त रिपोर्ट मिलेगी, उसी के आधार पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया जाएगा। फिलहाल, रिपोर्ट की देरी ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है, और शहर में चर्चा है कि कहीं यह मामला भी कागजों में ही दफन न हो जाए।


