‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत राज्य के सभी गांवों में एक साथ सफाई कार्य
पटना, 24 सितंबर 2025 – बिहार में कल ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत पूरे राज्य में हजारों स्थलों पर ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ महा श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राज्य के सभी 8053 ग्राम पंचायतों में स्कूल, अस्पताल, पूजा पंडाल, मंदिर और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक सफाई का कार्य किया जाएगा।
ग्रामीण विकास विभाग ने इसके सफल आयोजन के लिए पिछले कई दिनों से तैयारियाँ तेज कर दी हैं। यह अभियान लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
कार्यक्रम की विशेषताएँ
- स्वच्छता रैली और शपथ:
प्रत्येक स्थान पर ‘स्वच्छता रैली’ आयोजित की जाएगी, जिससे समाज और समुदाय को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।
साथ ही ‘स्वच्छता शपथ’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों और स्थानीय समुदाय को अपने घर और आस-पास स्वच्छता बनाए रखने की प्रतिज्ञा दिलाई जाएगी। - लोकप्रिय हस्तियों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी:
कार्यक्रम में सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रतिष्ठित व्यक्ति, लोकप्रिय हस्तियां और सितारे शामिल होंगे।
सरकारी विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाएं, स्कूल-कॉलेज के छात्र एवं स्थानीय समुदाय सक्रिय रूप से भाग लेंगे। - सफाई मित्र सुरक्षा शिविर:
23 से 30 सितंबर तक सभी जिलों में ‘सफाई मित्र सुरक्षा शिविर’ आयोजित किया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ स्वच्छताकर्मियों और उनके आश्रितों को शौचालय, आवास, LPG गैस कनेक्शन, आयुष्मान कार्ड, बीमा, राशन कार्ड, बैंक खाता, मनरेगा जॉब कार्ड जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। - स्वच्छ एवं हरित त्योहार:
बिहार के विभिन्न जिलों में दुर्गा पूजा और अन्य त्योहारों को स्वच्छ और हरित तरीके से मनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेला और पूजा पंडाल परिसरों में बैनर और होर्डिंग्स के माध्यम से प्लास्टिक के प्रयोग से बचने, कचरा न फैलाने और हरित एवं कचरा विहीन उत्सव मनाने का संदेश फैलाया जाएगा। - संगीत और ऑडियो-विजुअल संदेश:
सभी पूजा पंडालों और मेला परिसरों में गीतों और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों से स्वच्छता संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
उद्देश्य
बिहार सरकार का यह अभियान सामाजिक सहभागिता और सामूहिक प्रयासों के जरिए स्वच्छता को एक सेवा के रूप में स्वीकार कराने के लिए चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।


