पटना, 30 अक्टूबर 2025।आज कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है और दिन गुरुवार। आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ है क्योंकि आज अक्षय नवमी का पर्व मनाया जा रहा है। इसे आंवला नवमी या अक्षय तृतीया की समान फलदायी तिथि भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से अक्षय (कभी न खत्म होने वाला) पुण्य प्राप्त होता है।
आज का पंचांग —
- तिथि: कार्तिक शुक्ल नवमी
- वार: गुरुवार
- नक्षत्र: श्रवण (सायं 6:33 बजे तक), तत्पश्चात धनिष्ठा
- योग: शूल (प्रातः 7:20 बजे तक), उसके बाद गंड योग
- करण: बालव
- सूर्योदय: प्रातः 6:32 बजे
- सूर्यास्त: सायं 5:37 बजे
- राहुकाल: दोपहर 1:28 बजे से 2:51 बजे तक
- अमृतकाल: प्रातः 7:42 बजे से 9:22 बजे तक
अक्षय नवमी का महत्व —
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने का विशेष विधान है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और सभी कष्ट दूर होते हैं।
अक्षय नवमी को ही सत्ययुग के आरंभ का दिन भी माना जाता है। अतः इसे सतयुग नवमी भी कहा जाता है।
पूजा विधि —
- प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- आंवले के वृक्ष के नीचे दीपक जलाकर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करें।
- आंवले के फलों का भोग लगाएं और उनका सेवन शुभ माना जाता है।
- जरूरतमंदों को भोजन एवं दान करें।
क्या करें, क्या न करें —
- राहुकाल के दौरान कोई नया कार्य या यात्रा आरंभ न करें।
- आज के दिन आंवला तोड़ना या काटना वर्जित माना गया है।
- परिवार सहित आंवले के नीचे बैठकर भोजन करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।


