30 नवंबर 2025, रविवार
मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि आज रात 9:30 बजे तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि नक्षत्र, योग, पंचक और दिशा शूल का विशेष प्रभाव रहेगा। आज का हिंदी पंचांग :
विक्रम संवत: 2082
राष्ट्रीय शक संवत: 1947
माह: मार्गशीर्ष
तिथि: शुक्ल पक्ष दशमी (रात 9:30 बजे तक), उसके बाद एकादशी
हिजरी कैलेंडर: साल 1447, महीना जमादि-उल-सानी, तारीख 9
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: प्रातः 7:12 बजे
- सूर्यास्त: सायं 5:21 बजे
(समय — जालंधर अनुसार)
चंद्रमा और नक्षत्र की स्थिति
- चंद्रमा: मीन राशि में (पूरा दिन और रात)
- नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद (30 नवंबर–1 दिसंबर मध्यरात्रि 1:11 बजे तक)
- उसके बाद: रेवती नक्षत्र
1 दिसंबर की रात 1:11 के बाद जन्मे बच्चों पर रेवती नक्षत्र की पूजा लगेगी।
योग
- वज्र योग: सुबह 7:12 बजे तक
- सिद्धि योग: उसके बाद पूरा दिन
दिशा शूल
- पश्चिम एवं नैऋत्य दिशा के लिए
इन दिशाओं में यात्रा से बचना शुभ माना जाता है।
राहुकाल
- सायं 4:30 बजे से 6:00 बजे तक
इस दौरान नए कार्य का आरंभ नहीं करना चाहिए।
पंचक
आज पूरा दिन और रात पंचक रहेगा। पंचक के दौरान लकड़ी से जुड़े काम, घर की छत बनवाने, यात्रा और धन लेन-देन में सावधानी बरतनी चाहिए।
सूर्योदय के समय ग्रहों की स्थिति
- सूर्य: वृश्चिक
- चंद्रमा: मीन
- मंगल: वृश्चिक
- बुध: तुला
- गुरु: कर्क
- शुक्र: वृश्चिक
- शनि: मीन
- राहु: कुंभ
- केतु: सिंह


