आज का पंचांग: 30 दिसंबर 2025, मंगलवार — पौष शुक्ल दशमी, पुत्रदा एकादशी व्रत, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति

आज का दिन मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के साथ आरंभ हो रहा है। दशमी तिथि प्रातः 7 बजकर 52 मिनट तक रहेगी, इसके उपरांत एकादशी तिथि आरंभ होगी, जो आज क्षय हो गई है। इसी कारण आज स्मार्त परंपरा के अनुसार पुत्रदा एकादशी व्रत रखा जा रहा है, जिसे संतान सुख, वंश वृद्धि और पारिवारिक कल्याण के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

आज का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। सिद्ध योग, भरणी नक्षत्र, चंद्रमा की मेष राशि में स्थिति तथा भद्रा का प्रभाव दिन के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित करेगा।

आज की तिथि और संवत विवरण

  • विक्रमी संवत: 2082
  • पौष प्रविष्टे: 16
  • राष्ट्रीय शक संवत: 1947
  • तिथि (शक): पौष 9
  • हिजरी सन: 1447
  • हिजरी माह: रज्जब
  • हिजरी तारीख: 9

सूर्योदय और सूर्यास्त (जालंधर समय अनुसार)

  • सूर्योदय: प्रातः 7 बजकर 30 मिनट
  • सूर्यास्त: सायं 5 बजकर 30 मिनट

नक्षत्र, योग और चंद्र स्थिति

  • नक्षत्र: भरणी
    • मान्य समय: 30-31 दिसंबर मध्यरात्रि 3 बजकर 59 मिनट तक
    • इसके बाद कृतिका नक्षत्र का आरंभ
  • योग: सिद्ध
    • मान्य समय: 30-31 दिसंबर मध्यरात्रि 1 बजकर 2 मिनट तक
    • इसके बाद साध्य योग
  • चंद्रमा: मेष राशि में स्थित रहेगा (पूरा दिन और रात)

भद्रा और राहुकाल

  • भद्रा काल:
    • सायं 6 बजकर 27 मिनट से
    • 30-31 दिसंबर मध्यरात्रि 5 बजकर 1 मिनट तक
    • इस दौरान शुभ कार्यों से बचना चाहिए
  • राहुकाल:
    • दोपहर 3 बजे से साढ़े 4 बजे तक
    • इस समय नए और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं

दिशा शूल

  • दिशा शूल: उत्तर और वायव्य दिशा
  • इस दिशा में यात्रा करने से पहले विशेष सावधानी बरतने या टालने की सलाह दी जाती है।

आज का पर्व और व्रत

  • पर्व / व्रत:
    • पुत्रदा एकादशी व्रत (स्मार्त)
      यह व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति, संतान के स्वास्थ्य और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है।

ग्रहों की स्थिति (सूर्योदय समय)

  • सूर्य: धनु राशि में
  • चंद्रमा: मेष राशि में
  • मंगल: धनु राशि में
  • बुध: धनु राशि में
  • गुरु: मिथुन राशि में
  • शुक्र: धनु राशि में
  • शनि: मीन राशि में
  • राहु: कुंभ राशि में
  • केतु: सिंह राशि में

ग्रहों की यह स्थिति साहस, निर्णय क्षमता और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली मानी जा रही है, हालांकि भद्रा और राहुकाल में संयम बरतना आवश्यक है।

विशेष धार्मिक संकेत

आज सिद्ध योग में किए गए जप, दान, पूजा-पाठ और व्रत का विशेष फल मिलता है। पुत्रदा एकादशी के अवसर पर भगवान विष्णु की पूजा, विष्णु सहस्रनाम पाठ और व्रत कथा का पाठ अत्यंत शुभ माना गया है।

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