आज का पंचांग 07 सितंबर 2025 : पूर्णिमा व्रत और चंद्रग्रहण का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त व राहुकाल

  • भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि आज रात 11:39 बजे तक
  • सत्यनारायण व्रत और पूजा का विशेष महत्व
  • शाम 4:30 से 6:00 बजे तक राहुकाल
  • आज लगेगा चंद्रग्रहण, धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन

भागलपुर/नई दिल्ली।आज रविवार, 07 सितंबर 2025 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। पंचांग के अनुसार यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि आज न केवल पूर्णिमा व्रत और सत्यनारायण भगवान की पूजा का विशेष अवसर है, बल्कि आज चंद्रग्रहण भी लगने वाला है।

तिथि और नक्षत्र

  • तिथि : भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा
  • तिथि का समापन : रात 11:39 बजे
  • इसके बाद प्रारंभ : प्रतिपदा तिथि
  • नक्षत्र : शतभिषा

शुभ योग और व्रत

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज सत्यनारायण भगवान का पूजन करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। पूर्णिमा व्रत का भी खास महत्व है। श्रद्धालु आज दिनभर उपवास कर पूजा-अर्चना करेंगे।

राहुकाल

आज रविवार को राहुकाल शाम 4:30 से 6:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य, यात्रा या नई शुरुआत से बचना चाहिए।

चंद्रग्रहण

आज रात चंद्रग्रहण भी लगेगा, जो कई ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार विशेष फल देने वाला माना जाता है। ग्रहण काल में मंदिरों के द्वार बंद रहते हैं और ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान-दान और पूजा-पाठ का महत्व होता है।


यह दिन धार्मिक आस्था और ज्योतिषीय महत्व दोनों का अद्भुत संगम है।


 

WhatsApp Channel VOB का चैनल JOIN करें
  • Kumar Aditya

    Anything which intefares with my social life is no. More than ten years experience in web news blogging.

    Related Posts

    आज का पंचांग: 5 दिसम्बर 2025, शुक्रवार — पौष कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा, जानें तिथि, नक्षत्र, योग, राहूकाल और ग्रहों की स्थिति

    Share आज शुक्रवार को पौष कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो रात 12 बजकर 56 मिनट तक बनी रहेगी। इसके बाद तिथि द्वितीया आरंभ होगी। आज का दिन धार्मिक…

    आज का राशिफल: पौष कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा, गुरु होंगे वक्री — जानें कैसी रहेगी 12 राशियों की भविष्यवाणी

    Share आज पौष कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो रात 12 बजकर 56 मिनट तक बनी रहेगी। शुक्रवार के इस दिन की शुरुआत सिद्ध योग से हुई, जो सुबह…